कोरोना के बाद से आगरा आने वाले पर्यटकों की संख्या में कमी आई है। यहां पर्यटन उद्यमियों ने पांच योजनाओं को मूर्त रूप देने की मांग की है। इन पांच सौगातों से आगरा में पर्यटन की तस्वीर एक फिर बदल सकती है।
उत्तर प्रदेश के आगरा में बुधवार को विश्व पर्यटन दिवस मनाया जा रहा है। कुछ साल पहले तक ताजमहल देश के पर्यटन का आईना माना जाता था, लेकिन कोरोना काल के बाद आगरा आने वाले सैलानियों की संख्या में तेजी से गिरावट आई है। वहीं अन्य पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
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सैलानियों की संख्या में इस ठहराव को दूर करने और पर्यटकों को बढ़ाने के लिए पर्यटन उद्यमियों ने पांच योजनाओं को मूर्त रूप देने की मांग की है। इनके पूरा होने से आगरा के पर्यटन उद्योग में उछाल आ सकता है। ये पांच योजनाएं ऐसी हैं, जिनके जरिए न केवल रोजगार बढ़ सकता है, बल्कि आगरा की रौनक भी बढ़ जाएगी।
साबरमती की तर्ज पर ताज से रामबाग तक रिवरफ्रंट गार्डन
नगला पैमा से ताजमहल, आगरा किला, महताब बाग, एत्माददौला, चीनी का रोजा, रामबाग तक यमुना नदी के दोनों किनारों पर साबरमती नदी की तर्ज पर रिवरफ्रंट गार्डन पर्यटन उद्यमियों की पहली मांग है। टूरिज्म गिल्ड के अध्यक्ष राजीव सक्सेना के मुताबिक नगला पैमा पर रबर चेकडैम बनाकर यमुना नदी में ताजमहल के पीछे पानी की उपलब्धता हो सकती है। इसमें वाटर स्पोर्ट्स के साथ नौकायन और अन्य गतिविधियां भी शुरू की जा सकेंगी, जिनसे लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसके लिए पांच साल पहले निर्देश दे चुके हैं पर डीपीआर अब तक नहीं बनी।
धनौली में सिविल टर्मिनल का निर्माण
1952 से आगरा के लिए इंटरनेशनल एयरपोर्ट की मांग उठती रही है। आगरा टूरिस्ट वेलफेयर चैंबर के अध्यक्ष प्रहलाद अग्रवाल का कहना है कि आगरा की तस्वीर बदलने वाला दूसरा काम धनौली में नया सिविल टर्मिनल है, जिसके बनने पर एविएशन कंपनियां आगरा के लिए कई शहरों से उड़ान शुरू कर सकती हैं। अभी पांच शहर आगरा से हवाई मार्ग से जुड़े हैं। एयरफोर्स परिसर में टर्मिनल होने के कारण यात्रियों को कई दिक्कतें आती हैं।
ताजगंज के चारों कटरों को हेरिटेज सिटी का दर्जा
ताजमहल के पास मुगल काल में बसाए गए ताजगंज और इसके चारों कटरों का क्षेत्र हेरिटेज सिटी के रूप में घोषित और विकसित किया जाए। पर्यटन उद्यमी संदीप अरोड़ा के मुताबिक अहमदाबाद हेरिटेज सिटी की तर्ज पर आगरा हेरिटेज सिटी को प्राचीन आर्किटेक्चर के साथ सुंदर बनाया जाए। ताजमहल आने वाले सैलानी ताजगंज की गलियों में घूमकर आगरा की संस्कृति, रहनसहन और खानपान देखते हैं। इससे पर्यटक कई दिनों तक आगरा को समझ सकेंगे।
ताजमहल के पीछे 11 सीढ़ी पार्क बने इवेंट स्थल
होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश चौहान का कहना है कि एक ओर ताज तो दूसरी ओर आगरा किला। दो विश्व धरोहर के बीच में मौजूद 11 सीढ़ी पार्क में सांस्कृतिक कार्यक्रम, इवेंट, फिल्म शूटिंग के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाए। सुप्रीम कोर्ट के नियमों के तहत एसओपी तैयार की जाए, जिससे पूरे साल यहां रंगारंग, सांस्कृतिक कार्यक्रम होते रहें। इसी जगह पर विश्व प्रसिद्ध संगीतकार यान्नी और सारेगामापा के शो हो चुके हैं और 40 से ज्यादा फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है।
पर्यटन उद्यमियों ने अपनी मांगों में वक्त के साथ बदलाव भी किया है। गाइड एसोसिएशन के अध्यक्ष शमशुददीन ने आईपीएल और क्रिकेट के जुनून को देखते हुए इंटरनेशनल स्टेडियम को आगरा की पांचवी सौगात माना है, जिससे शहर की सूरत बदल सकती है। उनके मुताबिक क्रिकेट, फुटबाल, हॉकी, एथलेटिक्स समेत कई खेल प्रतियोगिताओं के साल भर आयोजन और आईपीएल के मैच होने से शहर के होटल, रेस्टोरेंट और ट्रेवल एजेंटों को न केवल रोजगार मिलेगा, बल्कि शहर में युवाओं की आवाजाही भी बढ़ेगी।