फोटो 11 बौद्ध भिक्षुओं को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित करते वाईबीएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष। संवाद
भोगांव। पश्चिमी बंगाल से आए भिक्षुओं ने रविवार को जसराजपुर पहुंचकर भगवान बुद्ध की पूजा की। भिक्षुओं ने लोगों को ध्यान साधना के गुर सिखाए। भिक्षु धम्मानंद ने कहा कि संकिसा में भगवान बुद्ध ने अभी धर्म की देशना दी थी। इसलिए संकिसा को अभी धर्म नगरी के रूप में जाना जाता है। अभी धर्म का मतलब है गुण रहस्य वाली शिक्षा। इनसे व्यक्ति लोक उत्तरों की जानकारी हासिल कर सकता है।
भिक्षु धर्म प्रिया, भिक्षु धम्मानंद ने जसराजपुर पहुंचकर बौद्ध स्तूप की पूजा की। भिक्षु धम्मानंद ने कहा कि अभी धर्म का अभ्यास करने वाले योगी पुरुष गुफाओं कंदराओं में सालों साल बिता कर ध्यान करते थे। उसके बाद संसार के बारे में जान पाते थे। ऐसा करने के बाद ही वह पूर्ण योगी, पूर्ण ज्ञानी एवं पूर्ण रूप से आध्यात्मिक गुरु बनकर भारत की गलियों में बुद्ध के बताए रास्ते का अभ्यास करने के लिए प्रचार प्रसार करते थे।
आलोक दीप ने कहा कि भिक्षुओं ने हमारे देश के अंदर ही नहीं देश के बाहर जाकर भी शिक्षा का प्रचार किया है। वाईबीएस सेंटर के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश बौद्ध ने अतिथियों को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।