जिला अस्पताल के मरीजों को पर्चे दर पर्चे जमा करने की जरूरत नहीं होगी। एक बार पंजीकरण होने के बाद मरीज को जांच, अल्ट्रासाउंड, इलाज का विवरण के पर्चे अपने साथ नहीं लाने होंगे। इनका इलाज एक यूनिक नंबर से चलेगा। उसका पूरा विवरण कंप्यूटर में दर्ज होगा। अभी तक ये सुविधा एम्स समेत बड़े अस्पतालों में है।
जिला अस्पताल में ई-हास्पिटल की योजना की कवायद शुरू हो गई है। इसका टेंडर गुजरात की सिल्वर टच प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को मिला है। कंपनी की टीम ने शुक्रवार को जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। यहां पहले चरण में ओपीडी, आईपीडी (भर्ती होने वाले मरीज) और इमरजेंसी का निरीक्षण किया।
टीम ने इमरजेंसी, आईपीडी के लिए दो-दो कंप्यूटर काउंटर और ओपीडी के लिए पांच कंप्यूटर काउंटर की जरूरत बताई है। इसके बाद पैथोलॉजी लैब, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन, समेत सभी विभागों में कंप्यूटर स्थापित होंगे। एसआईसी डा. सुबोध कुमार ने बताया कि ई-हास्पिटल योजना के संचालन को गुजरात की कंपनी ने निरीक्षण कर रिपोर्ट बनाई।