आगरा। अदालत के आदेशों का पालन नहीं करने पर एडीजे-13 महेश चंद वर्मा ने थाना ताजगंज में तैनात उपनिरीक्षक अमित धामा के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया। उन्हें 20 मई को मुकदमे के माल के साथ पेश होने के आदेश दिए।
थाना सदर में वर्ष 2020 में चोरी और माल बरामदगी की प्राथमिकी दर्ज हुई थी। मुकदमा राज्य बनाम लग्गा उर्फ सुनील आदि के नाम से एडीजे-13 महेश चंद वर्मा की अदालत में लंबित है, जिसमें उपनिरीक्षक अमित धामा की गवाही होनी है। उनकी आंशिक गवाही 29 जनवरी को हुई थी, पर वह शेष गवाही के लिए उपस्थित नहीं हुए। अदालत ने चार बार जमानती वारंट जारी किए थे।
वहीं 28 अप्रैल को उपनिरीक्षक रोहित त्यागी ने वारंट तामील की रिपोर्ट दी। उन्होंने बताया कि धामा मौजूद नहीं थे, इसलिए वारंट थाना ताजगंज कार्यालय में रिसीव कराया गया। अदालत ने थानाध्यक्ष ताजगंज को आदेश दिए हैं कि धामा को 20 मई को मुकदमे के माल के साथ पेश करें।
अदालत ने माना विधिक ज्ञान की कमी
अदालत ने उपनिरीक्षक रोहित त्यागी में विधिक ज्ञान की कमी पाई। त्यागी ने वारंट को केवल नोटिस मानकर थाना कार्यालय में रिसीव कराया था। अदालत के अनुसार, उन्हें बंधपत्र और प्रतिभू पत्र संलग्न करना था। एडीजे ने पुलिस आयुक्त को त्यागी को वारंट तामील के विधिक ज्ञान के लिए प्रशिक्षित करने का आदेश दिया। प्रशिक्षण आख्या अदालत में पेश करने के निर्देश दिए हैं।