6.88 लाख घरों में मिले बुखार-खांसी के 7543 मरीज
शहर और देहात के 6.88 लाख घरों में बुखार-खांसी के 7543 मरीज मिले हैं। दो-तीन दिन से तेज बुखार के साथ खांसी और छाती में जकड़न भी मिली। टीम ने दवा देने के साथ बुखार न उतरने पर सीएचसी पर डेंगू की जांच कराने के लिए कहा।
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि डेंगू के बढ़ते मरीजों को देखते हुए सात से 16 सितंबर तक घर-घर विशेष अभियान चलाया। इसमें 13582 टीमें लगाई गईं, जो 688441 घरों तक पहुंची। इनमें 7543 लोगों को बुखार आ रहा था। पूछने पर परिवार के मुखिया ने बताया कि दो-तीन दिन से बुखार है, दवा भी दिलवाई लेकिन बुखार उतर नहीं रहा। बच्चों में उल्टी और पेट दर्द की शिकायत भी बताई। उनको दवा देने के साथ डेंगू के संदिग्ध मरीजों की सीएचसी पर जांच भी कराई है। 279 घरों में डेंगू का लार्वा भी मिला, जहां एंटी लार्वा का छिड़काव कराया गया।
40442 गर्भवती और मासूमों का नहीं हुआ टीकाकरण
सर्वे में 40442 गर्भवती और मासूमों को नियमित टीकाकरण नहीं हो पाया। इनमें 10764 गर्भवती महिलाएं और दो साल तक के 29678 बच्चे शामिल हैं। जिला टीकाकरण प्रभारी डॉ. संजीव वर्मन ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को टिटनेस का टीका नहीं लग पाया है। मिशन इंद्रधनुष के तहत शिशुओं को लगने वाले टीके भी नहीं लग पाए हैं। देहात में स्थिति ज्यादा खराब मिली है। कोरोना वायरस के कारण नियमित टीकाकरण प्रभावित हुआ है।
45 साल से अधिक 1.74 लोगों ने नहीं कराया टीकाकरण
स्वास्थ्य सर्वे में 45 साल से अधिक उम्र के 174529 लोग मिले, इनमें से देहात से 65 फीसदी रहे। इन लोगों ने कोरोना की एक भी डोज नहीं लगवाया। टीम ने इनको टीके का महत्व बताते हुए जागरूक किया। इन्होंने जल्द ही टीका लगवाने के लिए हामी भी भरी है।
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