लखमीचंद न मालिक और न ही किराएदार: महापौर
लखमीचंद न तो दुकान का मालिक हैं और न ही किराएदार है। आज तक लखमीचंद किराए की रसीद तक नहीं दिखा सका है। केवल नगर निगम की दुकान हड़पने के लिए यह झूठा आरोप लगा रहा है। पूरा परिवार जो आरोप लगा रहा है, वह निराधार है। नगर निगम की संपत्ति पर किसी भी कीमत पर कब्जा नहीं होने देंगे।
-डॉ. मुकेश आर्य बंधु, महापौर
पांच सदस्यीय कमेटी करेगी जांच: अनुनय
महापौर पर लगे आरोपों की जांच के लिए पांच सदस्यीय जांच कमेटी बनाई गई है। इनमें पार्षद रश्मि शर्मा, तिलकवीर सिंह, सहायक नगर आयुक्त राजकुमार मित्तल, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी शिवकुमार गौतम और कर अधीक्षक उम्मेद सिंह को रखा गया है। यह कमेटी बोर्ड मीटिंग में अपनी जांच रिपोर्ट सौंपेगी।
-अनुनय झा, नगर आयुक्त
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