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मथुरा: महापौर पर 20 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का लगाया आरोप, आत्मदाह की चेतावनी

Wed, 15 Sep 2021 06:31 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क अमर उजाला, मथुरा

सार

दुकान खाली कराई गई तो महापौर आवास पर करेंगे आत्मदाह, पीड़ित परिवार का सनसनीखेज आरोप, नगर आयुक्त ने बनाई जांच कमेटी
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मथुरा: नगर निगम की कार्यकारिणी में मेयर और नगर आयुक्त - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नगर निगम की कार्यकारिणी में बुधवार को हंगामा करते हुए एक पीड़ित परिवार ने महापौर पर 20 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का सनसनीखेज आरोप लगाया। पीड़ित परिवार को नगर आयुक्त ने मामले की जांच के लिए कमेटी बनाने का आश्वासन दिया। पीड़िता शिल्पी पाल ने कहा कि हमारे साथ न्याय नहीं हुआ तो उनके परिवार के नौ सदस्य महापौर डॉ. मुकेश आर्य बंधु के आवास पर आत्महत्या कर लेंगे। 

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शहर के होलीगेट के पास आर्य समाज रोड पर कृष्णा होटल के नीचे कृष्णा टेलर्स की दुकान है। इस दुकान पर मालिकाना हक लखमीचंद अपना बताते हैं। दो दुकान में से पूर्व मालिक पूरन चंद खाट वालों ने डेढ़ दुकान वैधजी ज्वेलर्स को दे दी। बची आधी दुकान में लखमी चंद सिग्मी किराएदार बने हुए हैं। सभी दुकानें इस मार्केट में नगर निगम की है। 
आरोप है कि वैधजी ज्वैलर्स के स्वामी ने उनकी आधी दुकान अपने नाम कराने के लिए महापौर को तीस लाख रुपये दिए। पीड़ित परिवार को जब इसकी जानकारी हुई तो वह महापौर के पास पहुंचे। महापौर ने कहा या तो 20 लाख रुपये मुझे दे दो या 15 लाख रुपये लेकर दुकान खाली कर दो। महापौर की दोनों बातों को मानने से पीड़ित परिवार ने इनकार कर दिया। उसका कहना है कि न तो देने के लिए उनके पास 20 लाख रुपये हैं और ना ही वह दुकान खाली करने के एवज में 15 लाख रुपये लेंगे। इसी दुकान से ही परिवार के नौ सदस्यों का जीवन-यापन होता है। आरोप है कि महापौर ने वैधजी के पक्ष में कोई कागज जारी कर दिया। बुधवार को पीड़ित परिवार सभी सदस्यों के साथ भूतेश्वर स्थित जलकल कंपाउंड पहुंच गया। यहां पर हंगामा करते हुए आरोप लगाए। 

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लखमीचंद न मालिक और न ही किराएदार: महापौर
लखमीचंद न तो दुकान का मालिक हैं और न ही किराएदार है। आज तक लखमीचंद किराए की रसीद तक नहीं दिखा सका है। केवल नगर निगम की दुकान हड़पने के लिए यह झूठा आरोप लगा रहा है। पूरा परिवार जो आरोप लगा रहा है, वह निराधार है। नगर निगम की संपत्ति पर किसी भी कीमत पर कब्जा नहीं होने देंगे। -डॉ. मुकेश आर्य बंधु, महापौर

पांच सदस्यीय कमेटी करेगी जांच: अनुनय
महापौर पर लगे आरोपों की जांच के लिए पांच सदस्यीय जांच कमेटी बनाई गई है। इनमें पार्षद रश्मि शर्मा, तिलकवीर सिंह, सहायक नगर आयुक्त राजकुमार मित्तल, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी शिवकुमार गौतम और कर अधीक्षक उम्मेद सिंह को रखा गया है। यह कमेटी बोर्ड मीटिंग में अपनी जांच रिपोर्ट सौंपेगी। -अनुनय झा, नगर आयुक्त

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