राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अरुण कुमार मिश्रा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल इस सप्ताह आगरा के मानसिक अस्पताल का दौरा करेगा। मानवाधिकार आयोग को हाल ही में अधिकारियों से एक रिपोर्ट मिली थी, जिसमें अस्पताल के कामकाज में कमियों और कठिनाइयों की ओर इशारा किया गया था। इसके चलते प्रतिनिधिमंडल 27 जुलाई को मानसिक अस्पताल का निरीक्षण कर यहां की सुविधाओं का हाल जानेगा। यह दौरा दिवसीय होगा। दूसरे दिन कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।
आयोग ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर 11 नवंबर 1997 को दिए आदेश में जिला जज को ग्वालियर, आगरा और रांची में मानसिक अस्पतालों की निगरानी जारी रखने और समय-समय पर आवश्यक निर्देश देने का निर्देश दिया था। इसकी रिपोर्ट एनएचआरसी को भेजने के साथ-साथ एक प्रति सुप्रीम कोर्ट को भी देनी है। जिसके अनुसार आयोग के अध्यक्ष ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से आगरा के जिला जज को मानसिक अस्पताल के कामकाज की निगरानी करने और आयोग को त्रैमासिक रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को एक प्रति के साथ भेजने का अनुरोध किया था।
एनएचआरसी के संयुक्त सचिव ने आगरा के जिला जज को एक पत्र भेजा था, जिसमें 31 मार्च 2022 को समाप्त तिमाही की रिपोर्ट 20 अप्रैल, 2022 तक आयोग को प्रस्तुत करने का अनुरोध किया गया था। इस संबंध में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश से प्राप्त एक निरीक्षण रिपोर्ट अस्पताल के कामकाज में कमियों और कठिनाइयों को उजागर करती है, जिसमें धन की कमी, कर्मचारियों की कमी, खराब बुनियादी ढांचे, खराब आवास, परिवार के सदस्यों का पता लगाने में कठिनाई शामिल है।