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एनजीटी में पहुंचा गोवर्धन के प्रमुख दानघाटी मंदिर के खजाने का 'गोलमाल', नोटिस जारी

Fri, 17 May 2019 10:50 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
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गोवर्धन स्थित दानघाटी मंदिर - फोटो : अमर उजाला
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने गिरिराज परिक्रमा के संरक्षण को लेकर दायर याचिका पर श्राइन बोर्ड के मुद्दे पर सख्ती दिखाई है। एनजीटी ने उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव महानिदेशक पर्यटन अवनीश अवस्थी को अगली सुनवाई पर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही दानघाटी मंदिर में हो रहे गोलमाल को लेकर मंदिर के प्रबंधक को नोटिस जारी किया है। 
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शुक्रवार को दिल्ली में हुई सुनवाई के दौरान जस्टिस रघुवेंद्र सिंह राठौर व सत्यवान सिंह गब्रयाल की बेंच ने श्राइन बोर्ड तथा अन्य प्रमुख प्रोजेक्ट के लिए अब तक कोई कदम नहीं उठाए जाने पर नाराजगी जाहिर करते हुए सरकार को कड़ी हिदायत दी। एनजीटी ने अगली सुनवाई पर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।   

एनजीटी ने कहा कि 1 फरवरी 2019 को उपस्थित हुए अपर मुख्य सचिव ने न्यायालय के समक्ष बयान दिया था कि वो अगले 15 दिनों में श्राइन बोर्ड तथा अन्य प्रमुख प्रोजेक्ट के लिए सरकार से जल्द से जल्द धनराशि स्वीकृत करवा देंगे। लेकिन तीन माह से भी ज्यादा का समय बीत जाने पर अब तक सरकार द्वारा इस तरफ क्या कदम उठाया गया। इस पर अगली तारीख 27 जून को उनको न्यायालय के समक्ष जवाब दाखिल करने के आदेश दिए गए।
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सरकार के जवाब से असंतुष्ट एनजीटी

 उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अधिवक्ता अमित तिवारी ने कहा कि चुनावों के कारण कार्य मे देरी हुई है, जिस पर न्यायालय ने असंतोष जाहिर किया। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता सार्थक चतुर्वेदी ने कहा कि जुलाई में होने वाले मुड़िया पूर्णिमा मेले के लिए बेहद आवश्यक है कि प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारी न्यायालय के आदेशानुसार कार्य करें। अभी भी गोवर्धन में पुलिस बल अपर्याप्त है।

याचिकाकर्ता आनंद गोपाल दास और सत्यप्रकाश मंगल ने प्रार्थनापत्र दाखिल कर न्यायालय को यह भी अवगत कराया है कि किस तरह गोवर्धन के एक प्रमुख मंदिर दानघाटी में करोड़ों रुपये का गोलमाल हो रहा है। 

इस पर मथुरा न्यायालय ने भी संज्ञान लेते हुए मंदिर के प्रबंधक डालचंद चौधरी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। राजस्थान सरकार पर नाराज होते हुए न्यायालय ने कहा कि अब तक किये गए कार्यों की सूचना न्यायालय के समक्ष अगली तारीख तक प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।
 
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