फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: फर्जी आंकड़ों पर एनजीटी ने लगाई कड़ी फटकार...कहा- सैलरी लेकर ऑफिस एन्जाॅय कर रहे अफसर, इसलिए जताई नाराजगी

Thu, 15 May 2025 04:57 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

आगरा में एयर एक्शन प्लान और वेस्ट टू एनर्जी प्लांट में देरी पर एनजीटी ने नाराजगी जताई। इसको लेकर सख्त टिप्पणी भी की। कहा कि अधिकारी सैलरी लेकर ऑफिस एन्जाॅय कर रहे हैं। 
विज्ञापन
राष्ट्रीय हरित अधिकरण - फोटो : National Green Tribunal
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने आगरा के दो मामलों में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई है। प्रदूषण मामले में एयर एक्शन प्लान पर कार्रवाई न करने पर उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों पर नाराजगी जताई और कहा कि लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय के अफसर बिंदी से बिंदी मिलाने के लिए बैठे हैं क्या? मंत्रालय के संयुक्त सचिव केवल पोस्टिंग ले रहे हैं। राज्य सरकार निष्क्रिय है ही। एनजीटी बेंच ने फर्जी आंकड़ों पर भी अफसरों को कड़ी फटकार लगाई।
विज्ञापन


कूड़े से बिजली बनाने के प्लांट मामले में देरी पर डॉ. शरद गुप्ता की याचिका पर एनजीटी बेंच ने बुधवार को सुनवाई की। इस याचिका में बेंच ने फॉर्म-4 पर सवाल खड़े किए। प्रदेश सरकार की ओर अधिवक्ता तकनीकी मामलों पर जवाब नहीं दे पाए। आंकड़ों में अंतर पर एनजीटी बेंच के एक्सपर्ट मेंबर ने कहा कि यह सही आंकड़े नहीं हैं। टेबल पर बैठकर तैयार किए गए हैं।

 

कंपोस्ट खाद कैसे बन रही है, यह तक नहीं पता, कितना कचरा बचा है, यह भी नहीं मालूम। बायो माइनिंग और कंपोस्टिंग में अंतर को अधिवक्ता समझा नहीं सके, जिस पर बेंच ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से पूछा कि पर्यावरण क्षतिपूर्ति क्यों नहीं लगाई। यूपीपीसीबी के अफसर केवल सैलरी लेने के लिए हैं। वह ऑफिस एन्जॉय कर रहे हैं। उल्लंघन करने पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

अमर उजाला के उठाए सवालों में घिरी सरकार
अमर उजाला ने दो दिन प्रकाशित की गई खबरों में कुबेरपुर लैंडफिल साइट के आंकड़ों और प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। एनजीटी में दाखिल रिपोर्ट में और निगम के आंकड़ों में भिन्नता दिखाई गई। डॉ. शरद गुप्ता ने याचिका में कोर्ट कमिश्नर तैनात करने और मौके का निरीक्षण करने की मांग की है। बेंच ने मामले में आदेश रिजर्व कर दिया है।

 
विज्ञापन

एनजीटी बेंच ने यह कीं तल्ख टिप्पणियां
- लखनऊ के अफसर बिंदी से बिंदी मिला रहे हैं या कुछ काम भी करते हैं
- वह काम नहीं करते तो कौन सा अधिकारी उन पर कार्रवाई करता है बताएं
- संयुक्त सचिव ने टीटीजेड चेयरमैन के साथ कोई बैठक क्यों नहीं की
- सीसीएफ, आईएफएस सिर्फ पोस्टिंग लेने के लिए जाते हैं संयुक्त सचिव
- पांच साल से अफसर काम नहीं कर रहे, सिर्फ चर्चाएं कर रहे हैं
- पर्यावरण क्षतिपूर्ति लगाई, न दंड दिया, आप वहां क्यों बैठे हैं
- केवल सैलरी लेने के लिए और ऑफिस एन्जॉय करने के लिए हैं अधिकारी
- ऑफिस में बैठकर रिपोर्ट बना रहे, मौके की जानकारी अफसरों को नहीं है
- टेबल पर जिसने आंकड़े दिए हैं, उस अफसर को कुछ नहीं पता, सही आंकड़े नहीं हैं
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें