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फिरोजाबादः सरकारी सिस्टम ने कर दी नवजात की 'हत्या', नर्स को किया निलंबित

Mon, 02 Sep 2019 12:21 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
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सांकेतिक तस्वीर
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जिंदा बच्चे को मृत घोषित करने के बाद हटाई ऑक्सीजन से नवजात की हालत बिगड़ गई। शनिवार की रात 11 बजे नवजात ने सौ शैय्या अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड (नवजात शिशु सघन इकाई) में दम तोड़ दिया।
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परिवारिजनों ने आरोप लगाया कि ऑक्सीजन हटाने के बाद बच्चे की हालत ज्यादा गंभीर हुई थी। सलेमपुर नगला खार निवासी प्रियंका पत्नी शिवनारायण ने निजी अस्तपाल में बालक को जन्म दिया था। शनिवार को सुबह आठ बजे नर्स दीप्ती ने ऑक्सीजन हटा दी और बच्चे को मृत घोषित कर दिया था। 

नवजात के मृत होने की सूचना फोन पर मृतक के पिता को दे दी। ड्यूटी बदलने के बाद दूसरी नर्स आई तो उसने बच्चे के ऑक्सीजन लगा दी। बच्चा सांस ले रहा था। परिवारिजनों का आरोप था कि बच्चा ठीक था।
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मगर ऑक्सीजन हटाने के बाद से उसकी हालत बिगड़ गई। रात 11 बजे एसएनसीयू में भर्ती नवजात शिशु ने दम तोड़ दिया। परिवारिजनों ने आरोप लगाया है कि लापरवाही के चलते बच्चे की हालत बिगड़ी। इसके बाद उसकी मौत हो गई।
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स्टाफ बढ़ाने के लिए प्राचार्य को लिखा
सौ शैय्या अस्पताल अब मेडिकल कॉलेज के अधीन हो गया है। ऐसे में सीएमओ ने मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य को अस्पताल में चिकित्सीय स्टाफ बढ़ाने को कहा है। जूनियर डॉक्टर की ड्यूटी लगाने को कहा है। ताकि  इस प्रकार के मामले न हों।

सीएमओ डॉ. एसके दीक्षित रविवार को सुबह अस्पताल में पहुंच गए। उन्होंने एसएनसीयू में निरीक्षण किया। लापरवाही बरतने वाली स्टाफ नर्स दीप्ति निगम को सीएमओ ने निलंबित करने के आदेश दिए हैं।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने इस मामले में जांच कमेटी का गठन कर दिया है। उन्होंने  एसीएमओ डॉ. एके श्रीवास्तव, डॉ. वीपी सिंह, डॉ. कमलेश वर्मा को जांच अधिकारी नामित किया है। जो प्रकरण की जांच करके आख्या तीन के अंदर प्रेषित करने के लिए कहा है।
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