आगरा के यमुनापार क्षेत्र में 413 करोड़ रुपये से नया वाटरवर्क्स बनेगा। यमुना नदी के पानी को शोधित कर तीन लाख लोगों की प्यास बुझाई जाएगी। शुक्रवार को नए वाटरवर्क्स निर्माण के लिए 58.78 करोड़ रुपये की पहली किस्त भी जारी हो गई। नए वाटरवर्क्स से करीब 55 एमएलडी यानी पांच करोड़ 50 लाख लीटर पानी की आपूर्ति होगी।
क्षेत्रीय विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह ने नए वाटरवर्क्स का प्रस्ताव रखा। जल निगम ने कार्य योजना बनाई। सिकंदरा स्थित एमबीबीआर तकनीक से यमुनापार के लिए पोइया पर एमबीबीआर प्लांट के माध्यम से जलापूर्ति की योजना बनी। जिसमें यमुना के पानी को एमबीबीआर तकनीक से नए वाटरवर्क्स में शोधित करने के बाद भूमिगत जलाशयों के जरिए क्षेत्र में सप्लाई किया जाएगा। ट्रांस यमुना फेज-एक, दो के अलावा नारायच, फाउंड्री नगर, मंडी समिति, रामबाग व अन्य क्षेत्रों को पानी मिलेगा। 55 एमएलडी में पांच एमएलडी यानी 50 लाख लीटर पानी प्रतिदिन एत्मादपुर क्षेत्र में आपूर्ति होगी।
इन इलाकों को मिलेगा पानी
नया वाटरवर्क्स बनने से ट्रांस यमुना फेज-एक व दो के अलावा कछपुरा, नाई की सराय, भगवती बाग, सीता नगर, शाहदरा, नाराइच, प्रकाश नगर, नवलगंज, टेढ़ी बगिया आदि क्षेत्रों में 55881 घरों को पानी मिलेगा। करीब तीन लाख लोगों की प्यास बुझेगी। 11 भूमिगत जलाशय से क्षेत्र में पानी की आपूर्ति की जाएगी। चार पंपिंग स्टेशन बनेंगे। 268 किमी. डिस्ट्रीब्यूशन लाइन और 7.77 किमी राइजिंग मेन लाइन बिछेगी। 41.39 किमी लंबी फीडर लाइन होगी। नया वाटरवर्क्स स्कॉडा सिस्टम पर आधारित होगा। जो स्वचलित जल शोधन एवं आपूर्ति प्रणाली है।
33 करोड़ से लगाए थे मीठे पानी के ट्यूबवेल
यमुनापार में पेयजल किल्लत को दूर करने के लिए 2010-11 में मीठे पानी के ट्यूबवेल लगाए गए थे। 33 करोड़ रुपये की लागत से नाई की सराय में 16 ट्यूबवेल लगे। जिनसे टेढ़ी बगिया आदि क्षेत्रों में जलापूर्ति होती है। कई ट्यूबवेल का पानी खारा हो गया है। कई ट्यूबवेल खराब पड़े हैं। ऐसे में नए वाटरवर्क्स से लोगों को बड़ी राहत की उम्मीद है।