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UP: नेपाल से बिहार के रास्ते किस तरह हो रही चरस की तस्करी,  पुलिस ने पकड़ा शातिर...चौंकाने वाला खुलासा

Thu, 02 Oct 2025 08:25 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

 एसटीएफ आगरा यूनिट चरस तस्कर को गिरफ्तार किया, जो नेपाल से बिहार के रास्ते से आगरा में तस्करी करता है। पुलिस उसके दो अन्य साथियों की तलाश में जुटी हुई है। 
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पुलिस हिरासत में आरोपी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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नेपाल से बिहार के रास्ते आगरा तक चरस की तस्करी की जा रही है। एसटीएफ आगरा यूनिट ने मंगलवार रात एक तस्कर को गिरफ्तार कर यह खुलासा किया। आरोपी रोशन शाह नेपाल का रहने वाला है। उसके पास से 7.9 किलो चरस बरामद की गई। लोहामंडी में सप्लाई करने वाला था। पुलिस उसके साथियों की तलाश में लगी है। एसटीएफ आगरा यूनिट के निरीक्षक ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी रोशन शाह मूलरूप से वारा, नेपाल का है। हाल में कलकी, काठमांडो में रह रहा है।
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एसटीएफ टीम को सूचना मिली थी वह रामलीला मैदान की तरफ से निकलेगा। इस पर घेराबंदी कर ली गई। इसके बाद आरोपी को पकड़ लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि काठमांडो में उसकी मुलाकात विनय नामक तस्कर से हुई थी। दोनों ने साथ बैठकर शराब पी। तब विनय ने बताया कि चरस की खेप भारत में पहुंचाने पर हर चक्कर पर 5000 रुपये मिलेंगे। दो बार पहले सप्लाई दे चुका है। अब तीसरी बार आया था।

 

विनय ने बिहार-नेपाल बार्डर पर रक्सौल के रास्ते पर पैकेट दिए थे। उसे इन्हें लोहामंडी में शिवहरे फाटक निवासी कुश शिवहरे और उसकी मां बबली शिवहरे के पास पहुंचाना था। मगर उससे पहले ही एसटीएफ ने पकड़ लिया। मामले में थाना रकाबगंज में केस दर्ज कराया गया है। चरस की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों में बताई गई है। हालांकि भारत में यह लाखों में है।

 
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मिलता है मोबाइल और सिम
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि नेपाल से भारत कई तस्कर नशे की खेप लेकर आ रहे हैं। रास्ते में मुख्य तस्कर मोबाइल और सिम भी देते हैं। इस सिम से सिर्फ उसी से बात की जाती है, जिसे माल पहुंचाना होता है। इसके बाद यह दोनों फेंक दिए जाते हैं। एक बार निकलने के बाद नशे की खेप देने वाला बात नहीं करता है। उन्हें सीधे अपने बताए स्थान पर आना होता है। एसटीएफ बबली और कुश की तलाश में लगी है। उनकी तलाश में टीम को लगाया गया है। उनके पकड़े जाने के बाद ही पता चलेगा कि विनय काैन है। चरस कहां से लेकर आता है। वह कहां-कहां सप्लाई करने में लगा हुआ है।
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