आगरा के रुनकता (सिकंदरा) स्थित एक ढाबे के पीछे एक कमरे में मथुरा के रहने वाले लेखपाल को युवती के साथ पुलिस ने पकड़ लिया। दोनों को थाने लाकर पूछताछ की। युवती ने शिकायत नहीं की। इस पर उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। लेखपाल के खिलाफ शांति भंग करने के मामले में कार्रवाई की गई।
मंगलवार को पुलिस को सूचना मिली कि रुनकता में हाईवे स्थित एक ढाबे के पीछे कमरे बनाए गए हैं। इनमें अवैध तरीके से लोगों को घंटे के हिसाब से रोका जाता है। संचालक किराया लेता है। इसके लिए आईडी तक नहीं ली जाती है। युवक और युवती के आने की जानकारी दी गई। इस पर पुलिस पहुंच गई।
दरवाजा खुलवाया तो लेखपाल बाहर आया। पुलिस को देखकर पहले सकपका गया। बाद में हड़काने लगा। कहा कि वह लेखपाल है। परिचित युवती की तबीयत खराब है। इस कारण कुछ देर आराम के लिए कमरा लिया था। बाद में युवती से भी पूछताछ की। घरवालों के बारे में पूछने पर वह हाथ जोड़ने लगी। इस पर दोनों को थाने लाया गया।
पूछताछ में पता चला कि दोनों मथुरा के रहने वाले हैं। युवती के परिजनों का जमीन का मामला लेखपाल के पास पहुंचा था। उसने काम करवा दिया था। तब युवती से दोस्ती हो गई। मगर वो अपनी मर्जी से आई थी। थाना प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि युवती ने शिकायत नहीं की है। इस पर लेखपाल के खिलाफ शांति भंग में कार्रवाई की है।