फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ऑक्सीजन का सिलिंडर बेटा कंधे पर उठाए रहा, मरीज मां थककर धूप में बैठ गई

Fri, 06 Apr 2018 03:10 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
विज्ञापन
कंधे पर उठाए ऑक्सीजन सिलिंडर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
एसएन मेडिकल कॉलेज प्रशासन की घोर लापरवाही उजागर हुई। आक्सीजन सिलिंडर लगाकर मरीजों को इमरजेंसी से वार्ड के लिए शिफ्ट कर दिया गया। लेकिन न तो उनके साथ अटेंडेंट को भेजा गया और न ही एंबुलेंस की व्यवस्था थी। 
विज्ञापन


मरीज देर तक इमरजेंसी के बाहर धूप में खड़े रहे। एक महिला की धूप में तबीयत बिगड़ गई। बेटा कंधे पर आक्सीजन का सिलिंडर उठाकर देर तक एंबुलेंस का इंतजार करता रहा। 

इमरजेंसी से वार्ड की दूरी करीब तीन सौ से पांच सौ मीटर है। मरीजों को एंबुलेंस के जरिये वार्ड में शिफ्ट किया जाता है। एसएन मेडिकल कालेज की इमरजेंसी में गुरुवार सुबह रुनकता निवासी अंगूरी देवी को सांस फूलने पर भर्ती किया गया था। 
विज्ञापन
Trending Videos

जमीन पर बैठ गई बुजुर्ग मरीज - फोटो : अमर उजाला
उन्हें आक्सीजन लगाने के बाद वार्ड में शिफ्ट करने के लिए कह दिया गया। अंगूरी देवी को लेकर उनका बेटा बाहर निकला तो एंबुलेंस नहीं थी। वह कंधे पर सिलिंडर लिए देर तक खड़ा रहा। 

थककर उसने सिलिंडर जमीन पर रख दिया। धूप की वजह से मरीज की तबीयत बिगड़ने लगी। इस पर अंगूरी देवी को फिर से इमरजेंसी में भर्ती किया गया। बाद में हेल्प आगरा की एंबुलेंस से उनको वार्ड में भेजा गया। 

मथुरा से आए एक मरीज को भी ऐसे ही वार्ड के लिए भेजा गया। एंबुलेंस न होने की वजह से वह भी धूप में स्ट्रेचर पर देर तक पड़ा रहा। मामला, मीडिया की जानकारी में आने के बाद एसएन प्रशासन ने मरीजों को वार्ड में भेजने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की। 
विज्ञापन

माना की लापरवाही हुई

बाहर स्ट्रेचर पर लेटा मरीज - फोटो : अमर उजाला
इस संबंध में प्रमुख अधीक्षक डा. अजय अग्रवाल का कहना है कि एंबुलेंस की उपलब्धता के बिना मरीज को वार्ड के लिए नहीं भेजना चाहिए था। मरीज के साथ एक अटेंडेंट भेजने की व्यवस्था है। 

उन्होंने माना कि लापरवाही बरती गई है। कहा कि इन बिंदुओं पर जांच कराई जा रही है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एसएन मेडिकल कालेज प्रशासन की ओर से एक एंबुलेंस की व्यवस्था मरीजों को इमरजेंसी से वार्डों में भेजने के लिए की गई है। 

यह एंबुलेंस चार दिन से उपलब्ध नहीं है। इसमें कुछ खराबी आ गई है, मरम्मत के लिए भेजी गई है। वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई। ट्रामा सेंटर के लिए रखी गई एंबुलेंस एसएन मेडिकल कालेज इमरजेंसी के सामने ही खड़ी थी। वार्ड तक मरीजों को भेजने में इसका इस्तेमाल नहीं किया गया। बाद में इसको और हेल्प आगरा की एंबुलेंस को लगाया गया। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें