छह महीने बाद भी रौनक हत्याकांड का खुलासा न होने पर भड़की भीड़ ने गुरुवार को बरसाना थाने पर हमला कर दिया। थाने में खड़ी पुलिस जीप के शीशे तोड़ डाले।
मुंशी के साथ हाथापाई की गई। लोगों का कहना था कि पुलिस हत्याकांड का खुलासा करने में फेल हो रही है। अफसर बदलते रहे लेकिन खुलासा नहीं हो सका।
दस अक्तूबर 2017 को बरसाना में रौनक पुत्र बच्चू की हत्या कर दी गई थी। उसका शव बिलासगढ़ की पहाड़ियों पर पड़ा मिला था। परिवार वालों ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करा दिया था।
इस हत्याकांड के विरोध में बरसाना में कई बार बाजार बंद हुआ। कैबिनेट मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी और श्रीकांत शर्मा ने भी बरसाना जाकर परिवार वालों से मुलाकात की थी।
पुलिस को तत्काल खुलासे के लिए भी कहा था। लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ। जबकि रौनक के परिवार वाले लगातार अधिकारियों से मिलते रहे। कुछ लोगों पर शक भी जताया गया मगर पुलिस ने किसी को नहीं पकड़ा।
पुलिस राजस्थान के कुम्हेर निवासी सोनू को पकड़कर लाई थी। जब रौनक के घर वालों को जानकारी हुई तो वह भी थाने पर पहुंच गए। पुलिस वालों से कहा कि उससे कड़ाई के साथ पूछताछ की जाए।
जमकर नारेबाजी भी की
पुलिस वालों ने उल्टे पीड़ित परिवार को ही धमकाना शुरू कर दिया। घर वालों को थाने से भगा दिया। इससे कस्बे में पुलिस के खिलाफ आक्रोश फैल गया। भीड़ इकट्ठा हो गई और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी होने लगी।
गुस्साई भीड़ थाने में पहुंच गई और हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस की जीप को तोड़ दिया गया। मुंशी के साथ भी हाथापाई हुई। पुलिस अफसरों ने किसी तरह समझाकर भीड़ को शांत किया।