मथुरा के नयति सुपर मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल के एक कर्मचारी ने वेतन न मिलने पर जहर खा लिया। इससे उसकी मौत हो गई। मृतक के पिता ने थाना हाईवे में धारा 306 (आत्महत्या के लिए प्रेरित करना) में अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी सागर डुडेजा और सुनील जैकब के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
थाना हाईवे में सुरेश चंद पुंडीर निवासी सराय आजमाबाद ने दी तहरीर में बताया कि उसका बेटा संतोष कुमार 20 हजार रुपये प्रति महीने पर नयति हॉस्पिटल के बिलिंग डिपार्टमेंट में नौकरी करता था। उसका वेतन का करीब आठ माह से रुपये 1 लाख 60 हजार बकाया था। वह सागर और सुनील से वेतन की मांग करता था तो वह अस्पताल की मालिक नीरा राडिया और राकेश चतुर्वेदी के आदेश के बाद देने की कहकर उसे टरका देते थे।
7 अगस्त को संतोष ने जब इन लोगों से वेतन मांगा तो न मिलने पर उसने निराश होकर कोई जहरीली गोली खा ली। गोली खाने के बाद उसने अपने एक परिजन को इस बात की जानकारी दी। परिजन जब उसे तलाशने निकले तो उसका शव बाजना अलवर रेलवे लाइन के पास पड़ा मिला। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया है। एसपी सिटी मार्तंड प्रकाश सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।