राष्ट्रीय खेल दिवस पर जहां देशभर में खिलाड़ियों को सम्मानित करने की बातें होती हैं, वहीं आगरा के हॉकी लीजेंड और पूर्व भारतीय कप्तान ओलंपियन जगबीर सिंह के नाम पर सड़क का नामकरण अब तक अधूरा है।
हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती देशभर में राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाई जाती है। इस दिन खेलों की उपलब्धियों को याद करते हुए खिलाड़ियों को सम्मानित करने की बातें होती हैं। मगर, आगरा के ही दिग्गज हॉकी खिलाड़ी और भारतीय टीम के पूर्व कप्तान ओलंपियन जगबीर सिंह के नाम से जुड़ा सम्मान आज भी अधूरा है। प्रदेश सरकार ने कुछ साल पहले घोषणा की थी कि उत्तर प्रदेश के सभी ओलंपियन खिलाड़ियों के नाम पर उनके गृह जिलों की प्रमुख सड़क का नामकरण किया जाएगा। इसी क्रम में जगबीर सिंह के आगरा स्थित आवास के सामने वाली सड़क को उनके नाम पर करने का निर्णय हुआ था।
विज्ञापन
दूसरे जिलों से आगरा पीछे
प्रदेश के कई शहरों में ओलंपियन खिलाड़ियों के नाम पर सड़कों का नामकरण हो चुका है। इससे स्थानीय खेल प्रतिभाओं को भी प्रेरणा मिली। मगर, आगरा में स्थिति अलग है। ओलंपियन जगबीर सिंह जिन्होंने भारतीय हॉकी को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई, उन्हें यह सम्मान नहीं मिल सका।
जगबीर सिंह: आगरा का गौरव
भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान जगबीर सिंह का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकता रहा है। उन्होंने ओलंपिक, एशियाई खेलों और विश्व स्तरीय टूर्नामेंटों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। देश को अनेक पदक भी दिलाए। शहर से हॉकी में इकलौते अर्जुन पुरस्कार, लक्ष्मण और यश भारती अवॉर्ड से सम्मानित जगबीर सिंह दो बार के ओलंपियन, दो बार एशियन गेम्स, वर्ल्ड इलेविन, इंटर कांटिनेंटल टूर्नामेंट में विजेता एशियाई टीम का भी हिस्सा रह चुके हैं।
विज्ञापन
हॉकी प्रेमियों को उम्मीद
जिला हॉकी संघ के अध्यक्ष कमल चौधरी का कहना है कि यह विडंबना है कि जिस खिलाड़ी ने देश को सम्मान दिलाया, उसके नाम से जुड़ी घोषणा अब तक अधूरी है। उम्मीद है कि हमारे शहर के गौरव जगबीर सिंह के नाम से सड़क के नामकरण की घोषणा पर जल्द अमल होगा। मास्टर्स हॉकी आगरा के अध्यक्ष राजीव सोई का कहना है कि इस बार खेल दिवस पर प्रदेश सरकार इस अधूरी घोषणा को पूरा करे ताकि शहर के खिलाड़ियों का मनोबल बढ़े और आने वाली पीढ़ियां प्रेरणा ले सकें।