कोरोना के कारण पिछले दो सालों से स्टेडियम आने वाले खिलाड़ियों के खेल पर काफी असर दिखा। अंशकालिक कोचों की नियुक्ति भी काफी समय तक अटकी रही। दो महीने पहले स्टेडियम को कुछ खेलों में कोच मिले लेकिन अभी भी बैडमिंटन, बास्केटबाल, फुटबाल, कबड्डी में कोच नहीं हैं। एथलेटिक्स में नियुक्त किए गए पांच अंशकालिक कोच में से केवल एक ने ही ज्वाइन किया है।
नौ महिला क्रिकेटर यूपी टीम की सदस्य
आगरा की क्रिकेटर पूनम यादव और दीप्ती शर्मा शहर की दूसरी युवा खिलाड़ियों के लिए रोल मॉडल बन चुकी हैं। इस समय यूपी की सीनियर महिला टीम में आगरा की चार क्रिकेटर खेल रही हैं। राशि कन्नौजिया, तनु काला, पूजा राजपूत और अंजली सिंह यूपी टीम में हैं। सीनियर रेलवे महिला क्रिकेट टीम से क्षमा सिंह खेल रही हैं। राशि कन्नौजिया इस साल सीनियर इंडिया कैंप में भी चयनित हो चुकी हैं। अंडर-19 यूपी महिला टीम में अलमाश भारद्वाज, अंडर-16 में प्रिंसी चौधरी, रमा कुशवाहा, संपदा सिंह टीम की सदस्य रह चुकी हैं।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शहर के चार खिलाड़ी
यूपी में आगरा संभवत: इकलौता ऐसा शहर है जहां से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में चार खिलाड़ी देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। टीम इंडिया के मध्यम गति के गेंदबाज दीपक चाहर, लेग स्पिनर राहुल चाहर, भारतीय महिला क्त्रिस्केट टीम की सदस्य दीप्ती शर्मा और पूनम चाहर देश के लिए पिछले कुछ सालों से लगातार खेल रहीं हैं।
खिलाड़ियों की आठ मांगें
1. स्टेडियम में सभी खेलों के कोचों की नियुक्ति हो।
2. खेल के नए उपकरण उपलब्ध कराए जाएं।
3. सभी स्कूलों में खेल मैदान अनिवार्य हो।
4. स्कूलों में खेल प्रशिक्षकों की संख्या बढ़े।
5. खिलाड़ियों की संख्या की तुलना में मैदान बढ़ें।
6. बड़े कॉलेजों के मैदान सभी खिलाड़ियों को प्रेक्टिस के लिए उपलब्ध हों।
7. जिला खेल एसोसिएशन नियमित खेलों का आयोजन कराएं।
8. नगर निगम, एडीए के पार्कों में छोटे इंडोर हॉल बनने चाहिए।