परिषदीय स्कूलों में 2010 और उसके बाद के वर्षों में हुईं सभी शिक्षक भर्तियों की जांच जिले में बंद पड़ी है। बीएसए कार्यालय में हुए अग्निकांड के बाद से जांच आगे नहीं बढ़ सकी। आठ माह से अधिक समय हो गया, बीएसए कार्यालय के सील कक्ष में शिक्षकों के दस्तावेज रखे हुए हैं।
वर्ष 2018 में शासन स्तर से भर्तियों की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की गई थी। अपर जिलाधिकारी भूमि अध्याप्ति को समिति का अध्यक्ष बनाया गया था। पांच अक्तूबर 2018 को इसकी पहली बैठक हुई थी।
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समिति की दो-तीन बैठकें हुईं, बेसिक शिक्षा विभाग शिक्षकों के प्रमाणपत्र मांगे गए, सभी शिक्षकों के प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं कराए जा सके। छह शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई समिति की जांच के आधार पर दिखाई गई है।
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परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में वर्ष 2010 से जांच शुरू होने तक आठ भर्तियों में जिले के 2071 पदों पर नियुक्तियां हुई थीं। बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार यादव का कहना है कि उनके कार्यभार गृहण करने के पहले से सील कक्ष में दस्तावेज रखे हैं। पुलिस इसकी जांच कर रही है।