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मिसाल: दिवाली पर ठाकुर बांकेबिहारी ने धारण की 'हिंदू-मुस्लिम एकता के धागों' से बनी पोशाक

Mon, 28 Oct 2019 09:12 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वृंदावन (मथुरा)
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बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़ (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
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रोशनी के पर्व दीपावली के पावन अवसर पर वृंदावन के विश्व प्रसिद्ध बांकेबिहारी मंदिर से सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश दिया गया। शनिवार को ठाकुरजी ने जरी की पोशाक धारण की। खास बात यह कि इस पोशाक में जरी के साथ हिंदू-मुस्लिम एकता के धागे भी पिरोए गए हैं। 
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आठ लाख की लागत से बनी पोशाक

जरी से बनी पोशाक - फोटो : अमर उजाला
ठाकुर बांकेबिहारी महाराज के लिए जरी की कीमती पोशाक को तीन बंदियों ने बनाया है, जिनमें दो मुस्लिम हैं। पोशाक बनाने वाले तीनों बंदी इकबाल, इरशाद निवासी मथुरा व गंगा सिंह निवासी वृंदावन हैं। यह तीनों अंडर ट्रायल पर मथुरा जेल में बंद हैं। 

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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
छोटी दीपावली पर ठाकुर बांकेबिहारी लाल को पोशाक धारण कराने से पहले मंदिर के सेवायत आशीष गोस्वामी, विशाल गोस्वामी, मयूर गोस्वामी, मयंक गोस्वामी, विभू गोस्वामी ने जेल अधीक्षक शैलेंद्र कुमार मैत्रेयी से देहरी पूजन कराया। इसके बाद पोशाक को आराध्य देव के लिए समर्पित किया।

जरी से बनी पोशाक - फोटो : अमर उजाला
सेवायत आशीष गोस्वामी व मयंक गोस्वामी ने बताया कि बंदियों ने दो दिनों में जरी की पोशाक तैयार की है। इस पोशाक में करीब आठ लाख रुपये की लागत आई है। पोशाक में कई रंग है। साथ ही यह सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल है। 
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बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
वहीं दीपावली के अवसर पर शनिवार को ठाकुर बांकेबिहारी समेत प्रमुख मंदिरों में अपने आराध्य के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़़ी। शाम को लोगों ने मंदिरों व यमुना घाट पर दीपदान किया। दीयों की रोशनी से बांकेबिहारी की नगरी झिलमिला उठी। 


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