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ताज महोत्सव: 'मेरी सांसों, मुझे धोखा न देना... कुछ और दिन जीना चाहता हूं मैं' शायर वसीम बरेलवी ने बांधा समां

Mon, 19 Feb 2024 12:24 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

ताज महोत्सव में शायर वसीम बरेलवी ने अपनी शायरियों से समां बांध दी। श्रोता सुनने को बैठे तो कार्यक्रम के अंत तक जमे रहे। 
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सूरसदन में आयोजित मुशायरे में कलाम पेश करते वसीम बरेलवी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश में आगरा के ताज महोत्सव में शनिवार रात को सूरसदन प्रेक्षागृह में अम्न कुल हिंद मुशायरा आयोजित किया गया। नामचीन शायरों ने कलाम पढ़े। खराब सेहत और चिकित्सकों के मना करने के बावजूद मुशायरे में पहुंचे मशहूर शायर वसीम बरेलवी ने शायरी की शुरुआत ‘मेरी सांसों, मुझे धोखा न देना, कुछ और दिन जीना चाहता हूं मैं’ से की।

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रात करीब 10 बजे बज्म की शमां जली तो सबसे पहले मुंबई से आए शायर अलतमश अब्बास ने ‘ए इश्क में इंसा बहुत पुरजोर रहता है, फिर उसके बाद सारी जिंदगी खामोश रहता है’ सुनाकर श्रोताओं का दिल जीत लिया।

इसके बाद भोपाल से आए विजय तिवारी ने अपने कलाम ‘खिलौने ले जा बाबू, तेरा मुन्ना दिल बहला लेगा, तेरा मुन्ना बहलेगा तो मेरा मुन्ना खा लेगा’ सुनाकर सबको भावविभोर कर दिया। फिर अज्म शाकिरी ने अपनी नज्में पेश कीं।
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इसके बाद वसीम बरेलवी ने खिताब किया। साथ ही मशहूर शायर ताहिर फराज, दिल ताजमहली, अकील नोमानी, अतहर शकील, डॉ. पापुलर मेरठी, एजाज अंसारी, मुमताज नसीम ने भी अपनी रचनाएं सुनाईं। मुख्य अतिथि अपर जिला जज आगरा नसीमा खान रहीं, संचालन अमीर अहमद जाफरी ने किया।

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