युवा सरकारी नौकरी के साथ उद्यम के विकल्प की भी करें तलाश
- मंडलायुक्त आगरा ने सरकार की निवेश संबंधी नीतियों की दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। कुंवर आरसी महिला महाविद्यालय मैनपुरी में रविवार को उद्यम अभिमुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन हुआ। मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी ने सरकार की निवेश संबंधी नीतियों और उसकी जमीनी सफलता के बारे में जानकारी दी और कहा कि गत वर्षों में उत्तर प्रदेश में निवेश द्वारा रोजगारपरक परिवेश का सृजन हुआ है। उन्होंने कहा कि युवाओं को सरकारी नौकरी के परंपरागत विकल्पों के साथ-साथ उद्यम के विकल्पों को भी तलाशना चाहिए।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि रितु माहेश्वरी मंडलायुक्त आगरा और अविनाश कृष्ण सिंह जिलाधिकारी मैनपुरी द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। महाविद्यालय की संयुक्त सचिव डॉ. सुशीला त्यागी ने शॉल और पुष्प-गुच्छ भेंटकर अतिथियों को सम्मानित किया। मंडलायुक्त ने सरकार की निवेश संबंधी नीतियों और उसकी जमीनी सफलता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डीएम अविनाश कृष्ण सिंह ने भारतवर्ष को सर्वाधिक विकसित अर्थव्यवस्था बनने में युवाओं के महत्वपूर्ण योगदान की चर्चा की । सीडीओ नेहा बंधु ने मैनपुरी जिले में स्वरोजगार के लिए फार्मिंग और एग्रो फूड क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों की विस्तृत जानकारी दी।
डॉ. राजेश कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी उच्च शिक्षा अधिकारी ने आगरा मंडल के तहत उच्च शिक्षा क्षेत्रों में किए गए निवेश की चर्चा की और विद्यार्थियों को रोजगारपरक शिक्षा में प्रशिक्षित होने के लिए उद्यम कौशल के लिए संचालित विभिन्न कोर्सों की जानकारी प्रदान की। उत्कर्ष चंद्र उपायुक्त उद्योग वाणिज्यिक उत्पाद प्रारंभ करने वाली इकाइयों के बारे में जानकारी दी। साकेत रुसिया (एसोसिएट प्रोफेसर) ने इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों की ट्रेनिंग, प्लेसमेंट और स्टार्टअप के विषय में बताया। यूपीसीडी के क्षेत्रीय प्रबंधक एसके ने उद्यम की इकाइयों पर जानकारी प्रदान करते हुए उद्योग के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर बात की।
अरुणोदय वाजपेई, राघव तापड़िया, अजय दुबे, अमित अग्रवाल ने स्टार्टअप तथा स्व-रोजगार के विषय में अपने अनुभव साझा करते हुए युवाओं को उद्यम हेतु प्रोत्साहित एवं प्रशिक्षित किया। प्राचार्या प्रो. शेफाली यादव ने अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि यह समय उद्योग जगत में बदलाव का समय है। हम उद्यमी बनकर न सिर्फ अपना बल्कि देश का भी भरण पोषण कर सकते हैं। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रो. अलका पाठक ने किया।