अमर उजाला ने 8 जून के अंक में ‘एक नई ईंट रखी नहीं... नाम बदलने से बढ़ा 57 करोड़ का बोझ’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की। मुख्यमंत्री कार्यालय ने संज्ञान लिया। टाटा प्रोजेक्ट, निर्माण निगम व पर्यटन अधिकारियों की बैठक बुलाई। जिसके बाद ठेकेदार फर्म टाटा प्रोजेक्ट ने ऑर्बिट्रेशन वाद वापस ले लिया। काम शुरू करने पर सहमति बन गई है। मंगलवार को डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी, टाटा प्रोजेक्ट व कार्यदायी संस्था ने म्यूजियम स्थल पर पूजन कराया। डीएम अरविंद बंगारी ने बताया कि म्यूजियम संचालन के लिए टेंडर जारी हो गया है। दिल्ली ने हेबीटेट सेंटर की तर्ज पर म्यूजिम का संचालन होगा। नवंबर तक काम पूरा हो जाएगा। पर्यटकों के लिए म्यूजियम खुल जाएगा।
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57 करोड़ बढ़ गई निर्माण की लागत
ताजमहल से 500 मीटर दूर शिल्पग्राम के पास बन रहे मुगल म्यूजियम का नाम 2020 में बदलकर छत्रपति शिवाजी संग्रहालय किया था। 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने म्यूजियम का शिलान्यास किया था। तब इस प्रोजेक्ट की लागत 141.89 करोड़ रुपये थी। जो अब बढ़कर 198.84 करोड़ रुपये पहुंच गई है। 57 करोड़ रुपये लागत बढ़ गई है।
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