नगरायुक्त निखिल टी फुंडे ने कहा कि निगम की नालियों से टोरंट की लाइनें निकल रही हैं। इसे भूमिगत करें। जलभराव के निदान में यही केबिलें अवरोध बन रही हैं।इससे लाइन में फॉल्ट, सफाई कर्मचारियों को करंट का खतरा है।
जैसी खोदी, वैसी बनाएं सड़क
मेयर ने खोदाई करने वाली कंपनियों, विभागों से कहा कि नगर निगम जितनी खोदाई की अनुमति देता है, केवल उतनी खोदाई की जाए। जिस मानक और गुणवत्ता की सड़क या इंटरलॉकिंग खोदी जा रही है, वैसी गुणवत्ता की सड़क बनाकर देनी होगी। मानक के उलट केवल खानापूर्ति करने पर निर्माण का खर्च नगर निगम वसूलेगा और भविष्य में कोई एनओसी जारी नहीं की जाएगी।
नगर आयुक्त निखिल टी फुंडे ने कहा कि नगर निगम की जमीन पर किसी भी तरह का काम करने के लिए एनओसी लेनी ही होगी। सड़क मरम्मत की जांच नगर निगम की टीम करेगी, उसके बाद ही बैंक गारंटी रिलीज की जाएगी।
गुंडों से न कराएं काम, अभद्रता कतई न हो
बैठक में मेयर ने हिदायत दी कि खोदाई करने पर स्थानीय लोगों से अभद्रता न हो। गुंडों से काम न कराया जाए। चरित्र प्रमाणपत्र लेकर काम कराएं। अगर कोई अनुमति मांगे तो उसे अनुमति पत्र दिखाएं पर किसी से बदसलूकी न करें। बैठक में जलनिगम से उमेश कुमार, बीएसएनएल से डीजीएम एके मिश्र, नेशनल हाइवे से पंकज दुबे, एडीए अधिशासी अभियंता एके कुलश्रेष्ठ, ग्रीन गैस से विवेक, राजीव त्रिपाठी, गेल डीजीएम एसएस भटनागर, विश्व बैंक इकाई से महेश गौतम, मेट्रो से बीके जैन, स्मार्ट सिटी से आरके सिंह मौजूद रहे।