ताजनगरी में नगर निगम और पीएफए संस्था ने आवारा कुत्तों को पकड़ने में 10 लाख रुपये खर्च कर दिए, लेकिन कुत्तों का आतंक अभी भी बना हुआ है। आम आदमी पार्टी की आरटीआई में इसका खुलासा हुआ है। पार्टी ने फर्जीवाड़े का आरोप लगाकर डीएम कार्यालय में ज्ञापन देकर इसकी जांच कराने की मांग की है।
आम आदमी पार्टी के युवा मोर्चा के शहर अध्यक्ष अमित कुमार ने आरटीआई के जरिए चार साल में कुत्तों के पकड़ने और इस पर खर्च की जानकारी मांगी थी। इस पर पशु चिकित्साधिकारी के यहां से 2013-14 से 2017-18 तक 971 कुत्ते पकड़ने की बात कही।
इसमें बताया गया कि कुत्तों को पकड़ने में पीएफए संस्था के 5,82,600 रुपये और नगर निगम के 4,32,095 रुपये खर्च हो गए। इस तरह से 971 कुत्तों को पकड़ने के लिए 10,14,695 रुपये खर्च हो गए। इसके अलावा जिला अस्पताल में एक जनवरी से नौ अगस्त तक 29,560 मरीजों को एंटी रैबीज वैक्सीन लगाई गई।