आगरा नगर निगम पहली बार अपनी सीमाओं को बढ़ाएगा। 1982 में हस्तांतरित किए गए 144 वर्ग किमी क्षेत्र को अब बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। 25 नवंबर को विशेष अधिवेशन में नगर निगम का सीमा विस्तार पर प्रस्ताव पेश किया जाएगा।
इसमें नौ गांव तोरा, कलाल खेड़िया, कहरई, चमरौली, रोहता, नैनाना जाट, बाबरपुर, दहतोरा और नगला अलबतिया को शामिल करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। इसमें दो शहरी क्षेत्र अवधपुरी और शास्त्रीपुरम भी होंगे जो एडीए के दायरे में हैं।
नगर निगम की सीमाओं के विस्तार के बाद माना जा रहा है कि आठ से 10 वार्ड और बढ़ जाएंगे। हालांकि आबादी और सभी वार्डों के बीच मतदाताओं की संख्या को देखते हुए ही नए वार्ड बनाए जाएंगे, लेकिन इन 9 गांवों में प्रधान का पद समाप्त हो जाएगा। अगले साल होने वाले पंचायत चुनाव में प्रधानी के लिए यहां दावेदार चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।
'नौ गांवों को करेंगे सीमा में शामिल'
महापौर नवीन जैन ने बताया कि पूर्व में 36 गांवों के उलट हमने 9 गांवों को ही सीमा विस्तार में शामिल करने का प्रस्ताव बनाया है। यहां तक शहर और कॉलोनियां फैली हुई हैं। अवस्थापना सुविधाओं के लिए इन क्षेत्रों तक सीमा विस्तार पर सदन में चर्चा की जाएगी।
सीमा विस्तार में इन गांव का प्रस्ताव
फतेहाबाद रोड पर तोरा और कलाल खेड़िया, शमशाबाद रोड पर कहरई और चमरौली, ग्वालियर रोड पर रोहता और नैनाना जाट, मथुरा रोड पर बाबरपुर मुस्तकिल, बाईपास रोड पर दहतोरा, अवधपुरी, शास्त्रीपुरम और नगला अलबतिया।
दिसंबर के पहले सप्ताह तक पूरी होनी है प्रक्रिया
प्रदेश सरकार ने सभी नगर निगमों से सीमा विस्तार के प्रस्ताव मांगे हैं। दरअसल, अगले साल की शुरुआत में ग्राम प्रधान के चुनाव होने हैं। शहरी सीमा में जिन गांव को शामिल किया जाएगा, वह गांव पंचायत चुनाव से बाहर हो जाएंगे।
इसलिए 25 नवंबर को विशेष अधिवेशन के जरिए नगर निगम सीमा विस्तार के प्रस्ताव को पास करके शासन को भेज देगा। प्रदेश सरकार दिसंबर के पहले सप्ताह तक इस संबंध में प्रक्रियाएं पूरी कर लेगा।
2016 में सीमा विस्तार का भेजा था प्रस्ताव
नगर निगम ने ग्राम प्रधान चुनाव के बाद तीन दर्जन गांव को शहरी सीमा में शामिल करने के लिए प्रस्ताव भेजे थे, लेकिन तब जिला पंचायत अध्यक्ष रहीं कुशल यादव ने इन गांवों में से कई पर आपत्ति दर्ज करा दी थी। उस दौरान नगर निगम ने मौजूदा सीमा से 5 से 10 किमी आगे तक के गांव शामिल करने का प्रस्ताव बना दिया था, लेकिन शासन से यह नामंजूर हो गया।
पहले इन 36 गांव का भेजा था प्रस्ताव
फतेहाबाद रोड के तोरा, कलाल खेड़िया, कुआं खेड़ा, नगला अरहर, लकावली, शमशाबाद रोड के कहरई, बगदा, चमरौली, बरौली अहीर, रजरई, नौपुरा, देवरी रोड के देवरी, सेमरी, नगला कली, कोलक्खा, पचगाईं खेड़ा, ग्वालियर रोड के रोहता, नैनाना जाट, नैनाना ब्राह्मण, चोर नगरिया, जलेसर रोड का नादऊ, अलीगढ़ रोड का पोइया, मथुरा रोड के लखनपुर, मुहम्मदपुर, सुनारी, बांईपुर, कैलाश गांव, बाबरपुर, बाईपास रोड के दहतोरा, दौरेठा अमरपुरा, कलवारी, नगला अलबतिया, जगनेर के ऊधा का नगला, अजीजपुर, धनौली गांव।