उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अवैध बस अड्डों, टैक्सी स्टैंडों को हटाने के लिए अभियान चलाने का निर्देश दिया, लेकिन नगर निगम की टीम ने गुडवर्क दिखाने के चक्कर में बस अड्डों के पास खोखे, ठेल-धकेल ही ध्वस्त कर दीं। इनमें से कई ठेल तो ऐसी तोड़ीं गईं, जिन्हें गरीब संचालक लेकर उस जगह से निकल रहे थे, जहां नगर निगम अभियान चला रहा था। छोले-भटूरे बेचने वाले विष्णु ने अधिकारियों के हाथ-पांव जोड़े, लेकिन पहले उसे मारापीटा गया, फिर बुलडोजर से ठेल पलटकर तोड़ दी गई। पूरे दिन के लिए तैयार किए गए छोले-भटूरे, चावल समेत अन्य खाद्य पदार्थ जमीन पर गिराकर बर्बाद कर दिया गया। उसने कोरोना काल में कर्ज लेकर अपना काम शुरू किया था।
मारपीट करने के बाद तोड़ दी ठेल-धकेल
नगर निगम का प्रवर्तन दल शुक्रवार पूर्वाह्न 11:30 बजे बुलडोजर लेकर आईएसबीटी के पास पहुंचा। यहां माइनर के पास मिट्टी में ठेल धकेल वाले खड़े थे जो बुलडोजर देखते ही वहां से जाने लगे। निगम के कर्मचारियों ने उन्हें रोका और मारपीट करने के बाद ठेल-धकेल तोड़ दी। इनमें से कई संचालक स्वनिधि योजना के तहत लोन लेकर स्वरोजगार कर रहे थे। शुक्रवार को अभियान के नाम पर ठेल-धकेलों को निशाना बनाकर ध्वस्त किया गया, जबकि अवैध स्टैंडों और पक्के अवैध निर्माणों को यहां छुआ भी नहीं गया।
57 ठेल-धकेलों को हटवाया
नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त अनुपम शुक्ला के नेतृत्व में शुक्रवार को चलाए गए अभियान में ट्रांसपोर्ट नगर स्थित आईएसबीटी के पास 17 झुग्गी झोंपड़ियों, 11 लकड़ी के खोखे, दो लोहे के काउंटर ध्वस्त किए गए। उनसे 1500 रुपये जुर्माना भी लिया गया। साइड पटरी पर खड़े 57 ठेल-धकेल हटाने का दावा किया गया, जबकि उनमें से चार को ध्वस्त किया गया। इस कार्रवाई में अवर अभियंता विजय गोयल, एसएफआई सुदेश यादव और प्रवर्तन दल मौजूद रहे।
कर्ज लेकर शुरू की थी ठेल
ठेल संचालक विष्णु ने बताया कि 'मैंने कोरोना काल में कर्ज लेकर ठेल शुरू की थी। जैसे-तैसे परिवार को पाल रहा था, पर मेरी ठेल तोड़ दी गई। मैने अधिकारियों के हाथ पांव जोड़े, जुर्माना देने को तैयार था, पर वह नहीं माने। अब मेरे बच्चे, मेरा परिवार अब कैसे पलेगा।',
जुर्माना लगाया, ठेल भी तोड़ी
ठेल संचालक रानी ने बताया कि पूरे ट्रांसपोर्ट नगर में सड़कें घेर रखी हैं, उनसे कुछ नहीं कहा। हम लोग माइनर के पास एकदम किनारे खड़े थे, पर हम पर जुर्माना लगाया और ठेल को भी तोड़ दिया।
नोटिस के बाद भी नहीं हटा रहे थे ठेल
अभियान चलाने वाले सहायक नगर आयुक्त अनुपम शुक्ला ने नगर आयुक्त को जो रिपोर्ट दी है, उसमें उन्होंने कहा है कि सात ठेल संचालकों को बार-बार नोटिस दिया जा रहा था। उन्हें आईएसबीटी के पास दुकानें भी डूडा की ओर से दी गई हैं, पर वह शिफ्ट नहीं हो रहे। इसलिए उनके साथ सख्ती की गई। ऐसे सात ठेल संचालक थे, जो बार-बार मना क रने के बाद वहीं ठेल लगा रहे थे।