लोडर में रखी दवाओं से भरी बोरियां
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आगरा में सैंपल की दवाओं का अवैध कारोबार फार्मा कंपनियों के मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) की मिलीभगत से हो रहा था। चार के नाम पुलिस के सामने आ चुके हैं। अब पुलिस और भी कंपनियों के एमआर की संलिप्तता के बारे में जानकारी जुटा रही है। इसके लिए 109 फार्मा कंपनी को चिह्नित कर औषधि विभाग की ओर से उन्हें नोटिस भेजे जा रहे हैं। इसमें सैंपल की दवाएं लेकर जाने वाले एमआर की जानकारी मांगी गई है।
12 मई को एसटीएफ की आगरा यूनिट ने ताजगंज क्षेत्र के बाग खिन्नी महल स्थित घर में दवाओं का अवैध गोदाम पकड़ा था। मुकदमा भी दर्ज हुआ। संचालक रजरई रोड स्थित पुष्प प्लाजा निवासी सोनू अग्रवाल को जेल भेजा गया। बृहस्पतिवार को उसे रिमांड पर लेकर उसके राधेकृष्णा धाम कॉलोनी के दूसरे गोदाम से करीब 30 लाख रुपये की सैंपल और सरकारी अस्पतालों की दवाएं बरामद की गईं। एसटीएफ के निरीक्षक हुकुम सिंह ने बताया कि आरोपी सोनू अग्रवाल के पास सैंपल की दवाएं फार्मा कंपनियों के एमआर पहुंचाते थे। उनसे कम कीमत में दवाएं लेकर वह दवाओं को दुकानों पर सप्लाई करता था। छोटे दुकानदार ग्राहकों को दवाएं बेच देते थे। इससे सभी को मुनाफा होता था। एक दवा कंपनी का जांच अधिकारी भी शामिल था। उस पर सैंपल की दवाओं के सही स्थान और मरीजों तक पहुंचने की जांच करने की जिम्मेदारी थी। मगर, वो भी इस खेल में मिला हुआ था।
दवाओं पर बैच नंबर और एक्सपायरी लिखी होती है। किस बैच नंबर की दवा किस एमआर को डॉक्टर के पास पहुंचाने के लिए दी गई, इसकी जानकारी फार्मा कंपनी के पास होती है। दवाओं की 109 कंपनियों को औषधि विभाग की ओर से नोटिस दी जा रही है। इसमें दवाओं को लेकर जाने वाले एमआर की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। वहीं नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम दबिश दे रही है।
मुकदमे में यह हुए थे नामजद
सैंपल की दवाओं के अवैध धंधे के मामले में एसटीएफ के निरीक्षक हुकुम सिंह ने अपनी ओर से धारा 420, 406, आवश्यक वस्तु अधिनियम और औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम में थाना ताजगंज में मुकदमा दर्ज कराया। इसमें संचालक सोनू के अलावा उसके भाई प्रवीण, महाराष्ट्र के चंद्रपुर निवासी सतीश, अमरावती निवासी गौड़िया, महाराष्ट्र के मुकेश और मेरठ के आरके शर्मा को नामजद किया गया है। पुलिस को जांच में सामने आ रहे अन्य आरोपियों की भी तलाश है।