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नगर निगम आगरा का फरमान: ठेल-रेहड़ी लगाने वालों को बोर्ड लगाकर अपनी पहचान बतानी होगी, लिखना होगा असली नाम

Tue, 10 Jun 2025 09:18 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा नगर निगम सीमा में ठेल-रेहड़ी लगाने वालों को बोर्ड लगाकर अपनी पहचान बतानी होगी। उन्हें अपना असली नाम लिखना होगा। नगर निगम कार्यकारिणी ने प्रस्ताव पारित किया है। 
 
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मेयर हेमलता दिवाकर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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कांवड़ यात्रा की तर्ज पर आगरा नगर निगम सीमा में ठेल-रेहड़ी लगाने वालों को बोर्ड लगाकर अपनी पहचान बतानी होगी। सोमवार को पार्षद बद्री प्रसाद माहौर के प्रस्ताव को नगर निगम कार्यकारिणी ने सर्वसम्मति से पास कर दिया। नगर निगम सीमा में 60 हजार से ज्यादा ठेल-रेहड़ी वाले हैं, जिन्हें अपना पंजीकरण नंबर और नाम बोर्ड पर लिखना होगा।
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मेयर हेमलता दिवाकर की अध्यक्षता में हुई कार्यकारिणी बैठक में पार्षद बद्री प्रसाद माहौर ने प्रस्ताव रखा कि कांवड़ यात्रा और धार्मिक मेलों में ऐसे दुकानदारों की संख्या ज्यादा होती है। लोग इनसे सीधे खाद्य पदार्थ खरीदते हैं। बीते दिनाें उनकी कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठे थे, जिस पर अन्य नगर निकायों की तरह आगरा नगर निगम भी पहचान के लिए बोर्ड लगवाए। उनके प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूर किया गया। तय हुआ कि बोर्ड पर ठेल-रेहड़ी वाले का नाम और पंजीकरण संख्या लिखी जाएगी।

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बैठक में कार्यकारिणी सदस्य रवि माथुर, बंटी माहौर, बद्री प्रसाद माहौर, आशीष सिंह, हेमलता चौहान, हरिओम गोयल, गजेंद्र पिपल, अमित पटेल, बनवारी लाल और नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल, अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार, सत्येंद्र तिवारी, चीफ इंजीनियर बीएल गुप्ता आदि मौजूद रहे।
 

बंदर-कुत्तों के बधियाकरण पर हंगामा
कार्यकारिणी में बंदर कुत्तों के बधियाकरण के मुद्दे पर हंगामा हुआ। कार्यकारिणी सदस्य रवि माथुर के इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई कि जिस वार्ड में कुत्ते और बंदर पकड़े जाएं और उनका बधियाकरण हो, उसके पार्षद को सूचना दी जाए जिससे वास्तविकता का पता चल सके। इस मामले में मेयर ने पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अजय कुमार को फटकार लगाई कि एनिमल बर्ड सेंटर बदहाल हैं और घपला किया जा रहा है।

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लॉटरी सिस्टम से रखे जाएंगे एक हजार कर्मचारी
कार्यकारिणी ने एक हजार सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति में पारदर्शिता बरतने के लिए लॉटरी सिस्टम का प्रस्ताव पारित किया। पार्षद रवि माथुर ने कहा कि मेयर की अध्यक्षता में पांच पार्षदों, दो अधिकारियों की कमेटी लॉटरी सिस्टम को अपनाए। कर्मचारी ही पर्ची निकालें, जिससे पारदर्शिता बनी रहे। इस माह से भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए। जो कर्मचारी हटाए जाएं, उनके स्थान पर की जाने वाली नियुक्ति भी लॉटरी से की जाए।

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जेडएसओ दें वाहनों को डीजल
पार्षद रवि माथुर ने नगर निगम के वाहनों को डीजल देने के समय जेडएसओ को तैनात करने के लिए कहा गया। कहा कि हर माह जेडएसओ को बदला जाए। किन वाहनों को कितना डीजल दिया गया, कितने चक्कर लगाए और जीपीएस के जरिए निगरानी की रिपोर्ट रखी जाए। सभी सफाई इंस्पेक्टर, टैक्स, संपत्ति विभाग के आरआई को बदलने की मांग की गई, जिसे पारित कर दिया गया।

 

नगर आयुक्त ने दिए 17 पत्रों के जवाब
इस कार्यकारिणी को मेयर ने 17 पत्रों के जवाब न मिलने और स्वच्छ भारत मिशन में हुए खर्चों को न बताने पर बुलाया था। नियम के मुताबिक मेयर खुद प्रस्ताव नहीं लगा सकतीं, ऐसे में कार्यकारिणी निरस्त होने से बचाने के लिए नगर आयुक्त ने 17 पत्रों के जवाब बैठक से पहले ही भेज दिए। मेयर हेमलता दिवाकर ने इसी को आधार बताकर कार्यकारिणी से अपने प्रस्तावों पर चर्चा नहीं की। पार्षदों के 10 प्रस्तावों पर चर्चा की गई, जिसमें से 8 पारित कर दिए गए।

 
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न्यूमेरिक्स
- 60 हजार से ज्यादा है ठेल-रेहड़ी
- 10 प्रस्ताव कार्यकारिणी में रखे गए
- 17 सवालों के जवाब नगर आयुक्त ने भेजे
- 1000 सफाईकर्मियों की नियुक्ति होगी
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