मुख्तार अंसारी के अधिवक्ता ने यह कहा
अधिवक्ता ने तर्क दिया कि मुख्तार अंसारी को राजनैतिक द्वेष के कारण फंसाया गया है। बैरक में कई अपराधी बंद थे। किस अपराधी की पेंट की जेब से मोबाइल मिला, कहा नहीं जा सकता। क्योंकि पेंट को कब्जे में लेकर फर्द नहीं बनाई जा सकती है। एक षड्यंत्र के साथ मोबाइल को मुख्तार अंसारी के साथ जोड़ दिया गया। जेल में मोबाइल पहुंचना भी सुरक्षा पर प्रश्न चिह्न लगाता है।
आरोप पत्र में किसी कर्मचारी और अधिकारी को आरोपी नहीं बनाया गया। कोई कार्रवाई भी नहीं की गई। किसकी लापरवाही से मोबाइल बैरक में पहुंचा। उक्त बुलेट प्रूफ जैकेट किसी को नुकसान नहीं पहुंचा सकती है। यह अपनी सुरक्षा के लिए होती है। अत: उनको केस से उन्मोचित किया जाए। कोर्ट ने प्रार्थना पत्र की सुनवाई और पेशी के लिए छह सितंबर की तिथि नियत की है।
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