शिवाजी के नाम से होगा आगरा का म्यूजियम
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विधायक एवं विधानमंडल दल के मुख्य सचेतक योगेंद्र उपाध्याय ने आगरा में बनाए जा रहे छत्रपति शिवाजी म्यूजियम के स्वरूप पर पर्यटन एवं सांस्कृतिक विभाग के अधिकारियों व प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम के साथ बुधवार को लखनऊ बैठक की। इसमें म्यूजियम में आगरा के समग्र इतिहास को दर्शाये जाने पर विचार किया गया।
पर्यटन भवन में आयोजित बैठक में विभागीय अधिकारियों ने म्यूजियम का संक्षिप्त प्रस्तुतिकरण दिया। विधायक योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि म्यूजियम में शिवाजी के जीवन की घटनाओं के साथ ही आगरा से संबंधित पौराणिक व ऐतिहासिक महत्व का समावेश होना चाहिए।
इस आशय का एक प्रतिवेदन मुख्यमंत्री को भी दिया गया। इस दौरान पर्यटन एवं सांस्कृतिक सचिव डॉ. नीलकंठ तिवारी, एमडी पर्यटन एनजी रवि कुमार व इतिहासकार डॉ. सुगम आनंद व अन्य विभागीय अधिकारी शामिल रहे।
ताजमहल से 1300 मीटर दूर बन रहे मुगल म्यूजियम का नाम छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर रख दिए जाने के साथ ही अब इसका निर्माण जल्द पूरा होने की उम्मीद है। नौ महीने से म्यूजियम का काम बंद पड़ा हुआ है। दिसंबर, 2017 में म्यूजियम का निर्माण पूरा होना था, लेकिन बजट न मिलने से म्यूजियम का काम रुका रहा। अब तय समय से चार साल बाद ही म्यूजियम का काम पूरा हो सकेगा।
इस आधुनिकतम म्यूजियम पर 94 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं, जबकि 92 करोड़ बाकी हैं। फतेहाबाद रोड पर शिल्पग्राम पार्किंग के नजदीक बन रहे म्यूजियम की लागत 130 करोड़ रुपए थी। प्रीकॉस्ट तकनीक पर उत्तर प्रदेश का यह पहला सरकारी प्रोजेक्ट था, जिसे दिसंबर, 2017 तक पूरा कर लिया जाना था लेकिन सरकार बदलते ही बजट न मिलने के कारण टाटा प्रोजेक्ट्स (इसे बना रही कंपनी) काम की समय सीमा को आगे बढ़ाती रही।
आंकड़ों की नजर से
- 5.9 एकड़ जमीन पर बन रहा म्यूजियम
- 1300 मीटर दूर है ताजमहल से
- 186 करोड़ रुपये है म्यूजियम की लागत
- 130 करोड़ रुपये किए थे मंजूर
- 56 करोड़ एसटीपी, चारदीवारी के कारण बढ़े
- 2016, जून में शुरू हुआ था काम
- 2017, दिसंबर में पूरा होना था निर्माण