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कासगंज: प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा की मौत, अस्पताल संचालक और आशा पर मुकदमा

Mon, 04 Jan 2021 12:14 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज

सार

  • परिजनों ने किया हंगामा, मौके पर पहुंची पुलिस ने समझा बुझाकर कराया शांत
  • जिलाधिकारी ने एसडीएम और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को जांच के लिए मौके पर भेजा
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अस्पताल के बाहर खड़े मृतका के परिवार वाले और ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कासगंज जिले के सोरों कोतवाली क्षेत्र के नगरिया स्थित एक अस्पताल में रविवार को प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने आक्रोशि परिजनों को समझा बुझाकर शांत किया। जिलाधिकारी ने एसडीएम सदर और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को जांच के लिए मौके पर भेजा। मृतका के पति की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी अस्पताल संचालक पर मुकदमा दर्ज कराया गया है।

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मानपुर नगरिया निवासी कैलाश की 40 वर्षीय पत्नी रेखा को प्रसव पीड़ा हुई। इस पर कैलाश ने आशा मिथलेश को जानकारी दी। आशा ने रविवार सुबह गर्भवती को नगरिया के ही कृष्णा हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया। यहां सुबह 10 बजे गर्भवती ने पुत्र को जन्म दिया। उसके बाद जच्चा, बच्चा दोनों की हालत बिगड़ गई। 
मृतका के पति कैलाश का आरोप है कि अस्पताल के डॉक्टर ने 50 हजार रुपये जमा कराए। हालत बिगड़ने पर 50 हजार रुपये और मांगे। इसमें 30 हजार रुपये दे दिए। इसके बाद डॉक्टर ने निजी एंबुलेंस से उसे कासगंज रेफर कर दिया। जहां चिकित्सकों ने जच्चा और बच्चा को मृत घोषित कर दिया।

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जच्चा-बच्चा की मौत के बाद परिजनों में आक्रोश पनप गया। उन्होंने जमकर हंगामा किया। सूचना पर जिलाधिकारी डीएम सीपी सिंह ने एसडीएम ललित कुमार, सोरों कोतवाली प्रभारी अनिल कुमार, डिप्टी सीएमओ डॉ. अविनाश को मौके पर भेजा। अफसरों ने परिजनों को समझा बुझाकर शांत किया और कार्रवाई का भरोसा दिया। मृतका के पति की तहरीर के आधार पर पुलिस ने हॉस्पिटल संचालक एवं आशा मिथलेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। 

जांच को पहुंचे तो एसडीएम को बंद मिला हॉस्पिटल
जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में जिलाधिकारी सीपी सिंह के निर्देश पर नगरिया जांच को पहुंचे एसडीएम ललित कुमार को चिकित्सालय बंद मिला। एसडीएम ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से अस्पताल के रजिस्ट्रेशन आदि के बारे में जानकारी ली तो स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि अस्पताल का कोई लाइसेंस नहीं है। आशा की मिलीभगत के मामले में भी एसडीएम ने जांच पड़ताल की है।

अवैध है अस्पताल
जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने भी जांच की। इसमें अस्पताल अवैध पाया गया है। डिप्टी सीएमओ डॉ. अविनाश कुमार ने अस्पताल संचालक के खिलाफ सोरों कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है।
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जिलाधिकारी सीपी सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने पर एसडीएम और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को मौके पर भेजा। पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। अस्पताल किस आधार पर संचालित किया जा रहा था। इसकी भी जांच करा रहे हैं। 

डिप्टी सीएमओ डॉ. अविनाश कुमार ने बताया कि मृतका के पति ने भी मुकदमे के लिए तहरीर दी है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी मुकदमा दर्ज कराया गया है। पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। 
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