एटा जनपद के थाना व कस्बा अलीगंज के निकट स्थित एक अस्पताल में प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। पति ने इलाज में लापरवाही के चलते मौत का आरोप लगाया है। तहरीर देकर फर्रुखाबाद और आगरा के तीन चिकित्सकों सहित पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
गांव अगोनापुर निवासी आदेश शाक्य की पत्नी रीतू शाक्य (35) और प्रसव बाद जन्म लेने वाले बच्चे की शनिवार को मौत हो गई। आदेश शाक्य का आरोप है कि गांव में ही स्थित केपी अस्पताल में पत्नी रीतू को प्रसव के लिए शनिवार सुबह करीब सात बजे भर्ती कराया। अस्पताल संचालक कैलाश चंद्र शाक्य निवासी गांव मंगदपुर थाना नयागांव, सहयोगी वरुण दुबे निवासी राजीव गांधी कॉलोनी फर्रुखाबाद ने सुरक्षित प्रसव करने का भरोसा दिया।
आगरा-फर्रुखाबाद से बुलाए चिकित्सक
दोनों संचालकों ने डॉ. मानवेंद्र सिंह चौहान निवासी आगरा, डॉ. पुष्पेंद्र सिंह शाक्य व डॉ. मनीष कुमार सिंह निवासी फर्रुखाबाद को कॉल करके ऑपरेशन के लिए बुला लिया। तीनों डॉक्टरों व संचालकों ने 11 बजे पत्नी का ऑपरेशन किया और बेटा पैदा हुआ। इसके कुछ समय बाद ही बच्चे की मौत हो गई। बच्चे की मौत के बाद शव को गांव में दफना दिया गया। इसके कुछ घंटों बाद शाम पांच बजे पत्नी की भी मौत हो गई।
दर्ज कराया मुकदमा
आदेश शाक्य ने तीनों चिकित्सकों और दो संचालकों के खिलाफ इलाज में लापरवाही के चलते जज्जा-बच्चा की मौत होने का मुकदमा दर्ज कराया है। प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार सिंह ने बताया कि जज्जा-बच्चा की मौत का मुकदमा लिखा गया है। महिला के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
इस नाम का अस्पताल पंजीकृत नहीं है। पुलिस थाने में दर्ज की गई रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अस्पताल संचालक के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. अभिनव दुबे, नोडल अधिकारी पंजीकरण
ये भी पढ़ें: मथुरा: पैसों की मांग पूरी करते कर्ज में डूबा प्रेमी, प्रेमिका से पीछा छुड़ाने को दिया खौफनाक हत्याकांड को अंजाम
राधाष्टमी: ब्रज की गलियों में राधे-राधे की गूंज, राधाजी के 5248वें जन्मोत्सव के लिए सजने लगा बरसाना