कहने के बाद भी विभाग से मीटर नहीं लगाया गया। बिल भेज दिया गया। उपभोक्ता फोरम ने विभाग को आदेश किया कि वह न्यूनतम बिल उपलब्ध कराए। बिल की राशि में पांच हजार रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति एवं दो हजार रुपये वाद व्यय के मद में समायोजित करें।
पत्नी को फिर से मिला पति का साथ
राष्ट्रीय लोक अदालत में पारिवारिक न्यायालयों में आपसी सुलह और समझौते से 27 जोड़े फिर से एक हो गए। मथुरा निवासी 58 वर्षीय महिला अपने 60 वर्षीय पति से मतभेद के कारण चार साल से अलग रह रही थी। भरण पोषण का वाद प्रस्तुत किया था। वह कोर्ट की चक्कर लगा रही थीं। प्रधान न्यायाधीश रामनरेश मौर्य के समझाने पर दोनों साथ रहने के लिए तैयार हो गए। वह खुशी से विदा हो गए।