आगरा में ठोस और गीले कूड़े का निस्तारण न करने वाले शहर के 38 होटलों पर नगर निगम ने 1.15 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। रकम सात दिन में जमा न करने पर आरसी जारी किए जाने और एनजीटी को रिपोर्ट भेजने की चेतावनी दी है।
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पहले चरण में नगर निगम ने 38 होटलों के जुर्माने की गणना करके नोटिस जारी कर दिए हैं। पर्यावरण अभियंता राजीव राठी के मुताबिक शहर के जितने भी बल्क वेस्ट जनरेटर हैं, उनसे उनके द्वारा उत्पादित कूड़े के निस्तारण का ब्योरा मांगा गया था।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल-2016 में 100 किग्रा कचरा हर दिन उत्पादित करने वाले सभी होटल, रेस्टोरेंट, हॉस्पिटल और अन्य उत्पादकों को गीले और सूखे कूड़े को अलग-अलग निस्तारण करना था।
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ऐसा न करने वालों को दो नोटिस जारी हो चुके हैं। अब उन्हें एक मार्च से 30 सितंबर के बीच कूड़े की प्रोसेसिंग फीस और जुर्माना जमा करने को कहा गया है। अन्य होटल, रेस्टोरेंट, हॉस्पिटलों को भी जुर्माने की रकम की गणना कर भेजी जा रही है।
नगर निगम ने होटलों पर हर दिन छह रुपये किलो सूखे कचरे और 12.50 रुपये गीले कचरे की प्रोसेसिंग फीस का जुर्माना लगाया है। एक रुपये किलो कलेक्शन चार्ज भी इसमें शामिल है।
हर दिन होटल के कमरों से औसतन 1.20 किलो कचरा निकलने का मानक है, जिसमें 45 फीसदी सूखा और 55 फीसदी गीला कचरा निकलता है। इसी आधार पर होटल के कुल कमरों की संख्या पर यह जुर्माना तय किया गया है।