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शस्त्र लाइसेंस धारकों के रिकॉर्ड सत्यापन में बड़ा खुलासा, अधिकारी भी रह गए हैरान

Mon, 10 Jun 2019 11:41 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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आगरा जिले में पांच हजार से ज्यादा शस्त्र लाइसेंस फर्जी मिले हैं। इसका खुलासा लाइसेंस धारकों के रिकॉर्ड का सत्यापन कराए जाने पर हुआ है। पुलिस ने पाया कि प्रशासन के रिकॉर्ड में एक एक नाम पर दो-दो लाइसेंस और एक एक नंबर पर तीन तीन लाइसेंस दर्ज हैं। 
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नेशनल डाटा ऑफ आर्म लाइसेंस ( एनएडीएल ) पर ये ब्योरा मौजूद है। यही प्रशासन के पास है। चुनाव के दौरान पुलिस को यह डाटा दिया गया था। पुलिस ने सत्यापन कराया तो अधिकारी हैरान रह गए। 

थानावार सूची बनी तो लाइसेंस धारक 38215 मिले, जबकि एनएडीएल पर 42103 हैं। दोनों में 5557 का अंतर पाया गया। इनमें 2892 लाइसेंस ऐसे हैं जो एक से अधिक लोगों के नाम पर हैं। 2662 ऐसे हैं जो एक एक नंबर दो दो या तीन तीन दर्ज हैं। 
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बड़ा खेल होने का शक

यह खुलासा इस लिहाज से और अहम है कि पुलिस ने हाल ही में शस्त्र लाइसेंस पर बेचे जान वाले 70 हजार से अधिक कारतूस का घपला पकड़ा है। ये कारतूस गायब मिले हैं। अब लाइसेंस का डुप्लिकेट होना पाया गया है। दोनों मामलों के पीछे बड़ा खेल होने का शक है। 

देखना यह है कि जिलाधिकारी कार्यालय इसे कैसे लेता है। कारतूस मामले में अभी तक एक भी शस्त्र लाइसेंस निरस्त नहीं किया गया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि एक नंबर दो लाइसेंस जारी कैसे हो गए? जिलाधिकारी कार्यालय से ये लाइसेंस जारी किए जाते हैं।

एक नंबर, दो लाइसेंस

4962 नंबर पर दो लाइसेंस हैं। एक चंद्रमान के नाम पर है। दूसरा गरीब दास के। इसी तरह 4979 पर एक लाइसेंस बाबूलाल के नाम पर है और दूसरा कमल सिंह के। जाहिर है। एक एक लाइसेंस गलत दर्ज है।

एक नाम पर तीन लाइसेंस

कुशलदाल पुत्र प्रभु दास के नाम पर तीन लाइसेंस हैं। इनके नंबर अलग अलग हैं। ये हैं 556, 557 और 588। 590 नंबर भी कुशल के नाम पर है। इसमें नाम है कुशल सिंह पुत्र प्रभुदास।
 
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