इस बार श्रावण शुक्ल पूर्णिमा (रक्षाबंधन) पर आंशिक चंद्रग्रहण पडे़गा। इसका प्रभाव पूरे देश में रहेगा। ये ग्रहण कई राशियों के लिए लाभकारी रहेगा, लेकिन कई राशियों पर ग्रहण का मिला-जुला हानिकारक प्रभाव रहेगा।
मथुरा के ज्योतिष आचार्य मनीष शंकर शास्त्री के अनुसार ग्रहण सात अगस्त को रात 10 बजकर 52 मिनट से रात 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। ग्रहण का मध्यकाल 11 बजकर 50 मिनट रहेगा।
सूतक सात अगस्त को दोपहर 1 बजकर 52 मिनट से शुरू होगा। ये चंद्रग्रहण श्रवण नक्षत्र मकर राशि पर पड़ेगा और संपूर्ण भारत में नजर आएगा। ग्रहण के समय चंद्रमा पर सूर्य, मंगल, गुरु और शनि की ग्रहों की पूर्ण दृष्टि रहेगी।
इन राशि वालों के लिए शुभ
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ज्योतिषाचार्य पंडित कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने बताया कि ये ग्रहण मेष, सिंह राशि वालों के शुभ और सुख कारक होगा। वृश्चिक और मीन राशि वालों के लिये धनलाभ दिलाने वाला होगा। इस बार रक्षाबंधन पर चंद्रग्रहण के बाद 21 और 22 अगस्त को खग्रास सूर्य ग्रहण पड़ेगा। हालांकि ये ग्रहण भारत में नजर नहीं आयेगा। लेकिन 15 दिन के अंतराल में दो ग्रहण अशुभ माना जा रहा है।
इन राशि वालों के लिए अशुभ
ज्योतिषाचार्य पंडित कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी के अनुसार वृष राशि वालों के लिए मानहानि, मिथुन के लिए मृत्यु तुल्य कष्ट, कर्क के लिये दांपत्य कष्ट, तुला राशि वालों के लिए भी कष्टकारी रहेगा। कन्या के लिए संतान चिंता, धनु के लिए धन हानि, मकर के लिये महाकष्ट और कुंभ राशि वालों से धन व्यय कराएगा। चंद्र ग्रहण अवधि में स्नान, दान, प्रभु का गुणगान करना लाभकारी रहेगा।
सूतक काल में भी भाइयों को बांध सकती हैं राखी
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रक्षाबंधन के दिन चंद्र ग्रहण पड़ रहा है। ग्रहण का सूतक दोपहर 1 बजकर 52 मिनट से शुरू होगा। इस कारण बहनों के लिए सूतक से पहले ही भाइयों को राखी बांधना शुभकारी होगा। लेकिन, जो बहनें किसी कारणवश इस काल में राखी नहीं बांध पाएंगी। वे धर्मसिंधु के दिवाकर पंचांग के अनुसार 4 बजकर 30 मिनट तक की अवधि में भी राखी बांध सकती हैं। पंचांग में इस काल को सही माना गया है।