उत्तर प्रदेश में एंबुलेंस चालकों की मनमानी से जननी सुरक्षा योजना दम तोड़ गई है। शुक्रवार को मथुरा में एक प्रसूता को बैलगाड़ी में अस्पताल ले जाने का मामला सामने आया था। शनिवार को आगरा के पिनाहट में एंबुलेंस न मिलने से एक गर्भवती महिला ने सड़क पर ही बच्चे को जन्म दिया।
बता दें कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित जननी सुरक्षा योजना में सरकार ने गर्भवती महिला को सरकारी एंबुलेंस से निशुल्क अस्पताल तक ले जाने की व्यवस्था की है। हाल ही में यूपी में 108 और 102 एंबुलेंस चालकों के मरीजों को लौटाने का मामला सामने आया है। उनका कहना है कि उन्हें डीजल के लिए भुगतान नहीं किया गया।
इसी के चलते शुक्रवार के मथुरा के राया में एक पति अपनी गर्भवती पत्नी को बैलगाड़ी में लेकर अस्पताल आया। वहीं आगरा के पिनाहट में तो हुई घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है।
पिनाहट में बसई अरेला के गांव बीधापुरा निवासी सुभाष निषाद की 30 वर्षीय पत्नी रामकेशर को शनिवार को सुबह प्रसव पीड़ा हुई तो परिजनों ने आशा और 108 एंबुलेंस को सूचना दी। काफी इंतजार के बाद एंबुलेंस नहीं आई तो सुभाष बाइक से ही पत्नी और एक अन्य महिला को लेकर सीएचसी पिनाहट के लिए चल पड़ा।