30 हजार बंदरों के खौफ से पिंजरों में बदले घर
पुराने शहर में महावीर नाला, काला महल, मनकामेश्वर मंदिर, पीपलमंडी, बेलनगंज की पुरानी हवेलियों में बंदरों का आतंक ज्यादा है। जीवनीमंडी, बेलनगंज, रावतपाड़ा, कचहरीघाट, फव्वारा, भैंरो बाजार, केदार नगर, जयपुर हाउस, बीडी जैन गर्ल्स डिग्री कॉलेज, ताजगंज, दक्षिणी गेट के हिस्से में बंदरों के खौफ के कारण घर पिंजरों में बदल गए हैं। लोगों ने लोहे की जालियों से पूरा घर ढंक दिया है ताकि बंदर प्रवेश न कर पाएं।
अल्फा बंदरों को पकड़ने से दूर होगी समस्या
वन विभाग को वाइल्ड लाइफ एसओएस ने दो हजार अल्फा बंदरों को पकड़ने की योजना सौंपी है। इनके सेंटर के लिए 25 एकड़ जमीन मांगी है, जहां बंदरों को रखने, भोजन देने की व्यवस्था की जाएगी। गोवर्धन में मयूर संरक्षण केंद्र के पीछे और आगरा में कीठम में जमीन प्रस्तावित है। पूर्व डीएफओ आनंद कुमार के मुताबिक बंदर टोलियों में चलते हैं। टोली का नेतृत्व करने वाला बंदर (अल्फा) सबसे आक्रामक होता है। उसकी पहचान कर उसे पकड़कर रेस्क्यू सेंटर में छोड़ा जाएगा।