फिरोजाबाद के टूंडला में बंदरों का आतंक बढ़ता ही जा रहा है। बंदर शहर से लेकर गांवों तक फैल गए हैं। ऐसा शायद ही कोई दिन जाता है, जब बंदर लोगों पर हमला नहीं करते। मंगलवार को बंदरों ने बछगांव में हमला कर एक मासूम सहित तीन स्कूली बच्चों को गंभीर घायल कर दिया। परिजन घायलों का उपचार करा रहे हैं। पिछले एक माह में बंदरों के हमले में एक वृद्ध की मौत हो चुकी है वहीं सौ से अधिक, बच्चे, महिला-पुरुष घायल हो चुके हैं।
थाना नारखी के गांव बछगांव के चौराहे पर शौर्य (5) पुत्र महीपाल अपनी मां सुनीता देवी के साथ स्कूल जा रहा था तभी बंदरों ने उस पर हमला बोल दिया। इससे वह घायल हो गया। दूसरी घटना भी स्कूल जा रहे कान्हा (6) पुत्र गिरेंद्र सिंह के साथ हुई। बंदरों ने उसके होंठ पर काट लिया। वहीं तीसरी घटना में छह माह का मासूम घर की छत पर खेल रहा था। इस बीच उसकी मां वंदना काम से कमरे में गई तभी बंदरों ने उस पर हमला कर उसके चेहरे को जखमी कर दिया। सभी को परिजनों ने प्राइवेट चिकित्सकों के यहां भर्ती कराया है। नगर के मुख्य बाजार, रेलवे कालोनियों, रेलवे स्टेशन पर बंदरों का खासा आतंक है। रेलवे स्टेशन पर रेल यात्रियों का खाना व अन्य सामान छींन ले जाते हैं तो वहीं कालोनियों में रेलकर्मियों के क्वाटरों में घुसकर नुकसान करते है।
लोगों ने की बंदरों को पकड़वाने की मांग
नगरवासियों व ग्रामीणों ने डीएम से बंदरों को पकड़वाने की मांग की है। मांग करने वालों में रेलवे सलाहकार समिति के सदस्य श्रीकृष्ण गौतम, बछगांव के समाजसेवी दिनेश गुप्ता, राकेश कुमार, विवेक कुमार, अतुल कुमार, टूंडला के डीपी सिंह, नरेंद्र कटियार, डा ब्रजपाल पौनियां, राजकुमार शर्मा, सोहन सिंह धाकरे, गगन गुप्ता हैं।
ये बच्चे हो चुके हैं घायल
यूनीवर्सल स्कूल की प्रधानाचार्य ने बताया कि उनके स्कूल के 15 बच्चे घायल हो चुके हैं, जिनमें विशेष, अश्वनी, अर्जुन, अन्नू, सुमित, सागर, वैभव, छवि, दिव्यांशी, शिवानी, राजीव, दुरूंत अनस, नीरज व आदित्य हैं। वहीं फ्रेंड्स पलिब्क स्कूल के नितिन, दीपक, धर्मवीर, अंकित व मयंक हैं। इसके अलावा आरआरएम इंटर कालेज के 50 से अधिक बच्चे बंदरों के शिकार हो चुके हैं।