कासगंज। विदेशों में तेजी से फैल रहे मंकी पॉक्स को लेकर शासन से मिले निर्देशों के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। विभाग ने इस बीमारी से निपटने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिला अस्पताल पर एक वार्ड रिजर्व किया जाएगा। इसके साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी दो-दो बेड की व्यवस्था रहेगी।
मंकी पॉक्स का अभी भारत में कोई मामला सामने नहीं आया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन 200 देशों में इस वायरस के फैलने के मामले की पुष्टि कर चुका है। भारत में भी बड़ी संख्या में लोगों का विदेशों में आना जाना लगा रहता है। इसको लेकर शासन से स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट रहने के निर्देश मिले हैं। यूनाइटेड किंगडम, यूएसए, यूरोप, आस्ट्रेलिया, कनाडा, अफ्रीकी देश से यात्रा करने वाले लोगों पर विशेष नजर रखने के निर्देश मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग ने व्यवस्थाएं बनाना शुरू कर दिया है। वैसे तो विदेश से आने वाले लोगों को होम आइसोलेशन में रखा जाएगा, लेकिन यदि किसी व्यक्ति में इस बीमारी के लक्षण मिलते है तो उसका इलाज चिकित्सालय में होगा।
यह हैं लक्षण
- त्वचा पर लाल चकते
- तेज सिर दर्द
- पीठ में दर्द
- मांसपेसियों में दर्द
- लसीका में सूजन
कैसे शरीर में करता है प्रवेश
- कटी फटी त्वचा
- श्वसन नली
- आंख, नाक, मुंह
जानवरों से इस तरह फैलती है बीमारी
- जानवरों के काटने से
- जानवर के खरोचने से
- जंगली जानवर का मांस खाने से
- जानवरों के शारीरिक द्रव्यों या घाव के पदार्थ के संपर्क में आने से
यह बरतें सावधानी
- अपने आसपास रखें साफ सफाई
- संक्रमित व्यक्ति के कपड़ों को छूने से बचें
- संक्रमित व्यक्ति के विस्तर पर न बैठें
मंकी पॉक्स से जुडा कोई मामला अभी सामने नहीं आया है, लेकिन इस बीमारी से निपटने के लिए एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। -डा. अनिल कुमार, सीएमओ