आधी आबादी की पूरी अनदेखी हुई है इस जनपद में। एक तो राजनीतिक दलों ने टिकट ही कम दिए महिलाओं को। दूसरा वोटरों का भी साथ नहीं मिला। नतीजा यह कि 1951 से 2012 तक हुए 16 विधानसभा चुनाव में सिर्फ दो महिलाएं विधानसभा पहुंच पाईं। 1974 के बाद से तो एक भी महिला प्रत्याशी को जीत नसीब नहीं हुई है। वह भी तब जबकि महिला वोटर वोट डालने में पुरुषों से आगे रही हैं।
चंपावती फतेहपुर सीकरी विधानसभा सीट से दो बार विधायक रहीं। पहली बार 1962 में और दूसरी बार 1974 में। दोनों बार कांग्रेस के टिकट पर लड़ीं। 1962 में उन्हें 17393 वोट मिले। उन्होंने रिपब्लिक नपार्टी के कंवरसेन (11053 वोट) को शिकस्त दी। 1974 में उन्हें 25514 वोट मिले। उन्होंने बीकेडी के भैरों सिंह ( 9538 वोट) को हराया।
विद्यावती भी कांग्रेस प्रत्याशी रहीं। उन्हें बाह विधानसभा सीट पर 1962 में 14554 वोट मिले। उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के राम सहाय ( 10425) को पराजित किया। इस चुनाव में कुल पांच उम्मीदवार थे। उत्तर, दक्षिण, आगरा ग्रामीण, केंट, एत्मादपुर, खेरागढ़ और फतेहाबाद सीट पर आज तक कोई महिला उम्मीदवार चुनाव नहीं जीत पाई है। हालांकि इस बार पिछले चुनावों के मुकाबले ज्यादा महिला उम्मीदवार हो सकती हैं। ऐसा टिकट दावेदारों की संख्या को देखकर लग रहा है।
टिकट भी कम मिले
2012 में 10 महिला उम्मीदवार रहीं। एत्मादपुर से डा. मंजू चौहान, छावनी से संतोष देवी, सावित्री माहौर, दक्षिण से सुनीता महाजन, उत्तर से अंजू सिंह चौहान, करिश्मा गोस्वामी, स्नेहलता, ग्रामीण से हेमलता, खेरागढ़ से ऊषा देवी और पक्षालिका। 2007 में चार, 2002 में पांच, 1996 में तीन, 1993 में नौ, 1991 में सात महिला प्रत्याशी रहीं।
वोट डालने में रहीं आगे
2012 के विधानसभा चुनाव में महिलाओं का मतदान प्रतिशत 59.9 रहा था। एत्मादपुर में 65.23, छावनी में 54.4, दक्षिण में 59.8, उत्तर में 55.3, ग्रामीण में 58.3, सीकरी में 66.1, खेरागढ़ में 64.6, फतेहाबाद में 69.5, बाह में 59.9 महिलाओं ने वोट डाले थे।
संसद में एक ही महिला पहुंची
आगरा से लोकसभा में भी महिलाओं का प्रतिनिधित्व बहुत कम रहा है। अभी तक सिर्फ एक महिला सांसद चुनी गई हैं। 2009 के चुनाव में फतेहपुर सीकरी लोकसभा सीट पर बसपा की सीमा उपाध्याय ने कांग्रेस के राजबब्बर को शिकस्त दी थी।
मेयर का ताज मिला दो बार
आगरा। नगर निगम की महापौर दो महिलाएं रह चुकी हैं। बेबी रानी मौर्य और अंजुला माहौर। जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव तीन महिलाएं जीत चुकी हैं। मौजूदा अध्यक्ष कुशल यादव हैं।