कोल्ड स्टोर में रखे आलू के दो लाख पैकेट मिट्टी हो गए। रही-सही कसर नए आलू ने पूरी कर दी। अब पुराने आलू के खरीददार नहीं मिल रहे। बाहर के प्रदेशों की मंडी में भी कोल्ड स्टोरेज का भाड़ा तक नहीं मिल रहा। इससे किसान मंडी में आलू ले जाने से बच रहा है।
इधर कोल्ड स्टोरेज से आलू निकालने के लिए किसानों के पास 31 जनवरी तक का समय है। दरअसल, 15 फरवरी के बाद से आलू की नई फसल रखना शुरू हो जाएगा। किसान मोहम्मद आलमगीर ने बताया कि नया आलू बाजार में 4-5 रुपये प्रति किग्रा बिक रहा है। पुराने आलू 3-5 रुपये तक बिका, अब इसकी खरीद 90 फीसदी घट गई है। कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन के सचिव राजेश गोयल ने बताया कि अभी लगभग दो लाख पैकेट कोल्ड स्टोर में जमा हैं। खरीदार न मिलने के कारण इनकी बिक्री नहीं हो रही। नई फसल के आने से पहले मजबूरन इनको कोल्ड से बाहर फेंकना पड़ेगा।
किर्री आलू फेंकना पड़ा
आलू की सबसे निचली क्वालिटी किर्री के खरीद न होने पर फेंकना पड़ा। दिसंबर के अंत तक लगभग दो से तीन लाख पैकेटों को सड़कों पर फेंकना पड़ा। इसकी कीमत प्रति पैकेट 50-80 रुपये मिल रही थी। यही हाल गुल्ला आलू का रहा। इसके प्रति पैकेट 80-120 रुपये तक मिले। जबकि कोल्ड स्टोर के प्रति पैकेट भाड़े की बात करें तो ये 100 रुपये है।