आगरा के एसएसपी अमित पाठक ने लोगों का सलाह दी है कि अगर, कोई पुलिस कर्मी भी गहने मांगे तो इंकार कर देना चाहिए। उनका आईडी कार्ड भी चेक किया जा सकता है। पुलिस चेकिंग में कभी गहने नहीं उतरवाती है।
उन्होंने कहा कि चेकिंग के दौरान गहने उतरवाने का कोई अधिकार किसी विभाग के कर्मचारी पर नहीं है। इस पर ध्यान देना चाहिए। अगर, कोई गहने उतरवाने की कहे तो ऐसे लोगों की सूचना तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम पर दें।
दरअसल, बीते दिनों में ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें पुलिसकर्मी बनकर लोगों को लूट लिया गया। रविवार को भी एमजी रोड स्थित सेंट जोंस चौराहे पर दो बदमाशों ने पुलिसकर्मी बनकर बुजुर्ग से गहने लूट लिए थे।
लुटेरों का डर दिखाकर लूटा
न्यू आगरा कॉलोनी निवासी किशन चंद्र वर्मा (70) पुत्र बाबूलाल रविवार सुबह नौ बजे मोती कटरा स्थित पटेल नगर में रहने वाले छोटे बेटे से मिलने के लिए जा रहे थे। वह भगवान टाकीज से रिक्शे में बैठे थे। सेंट जोंस चौराहे पर पीछे से बाइक पर दो लोग आए। वो खुद को पुलिसकर्मी बताने लगे।
किशन चंद्र से कहा कि आए दिन लूट हो रही है। इसके बावजूद आप गहने पहनकर जा रहे हैं। आपके साथ भी लूट हो सकती है। इसलिए गहने उतारकर रख लो। इसके बाद एक कागज में उनकी अंगूठी और चेन उतरवाकर रख दी। इसके बाद कागज की पुड़िया बनाकर किशन चंद्र को दे दी।
उन्होंने राजामंडी चौराहे के पास पहुंचने पर कागज की पुड़िया को चेक किया, उसमें नकली अंगूठी और चेन रखी हुई थी। यह देखकर उनके होश उड़ गए। उन्होंने एक राहगीर की मदद से पुलिस को सूचना दी। थाना एमएम गेट पुलिस पहुंच गई। मगर, पुलिस ने मामला थाना हरीपर्वत का बताया।
शहर में पकड़े जा चुके हैं सिपाही
बदमाशों की तलाश तक नहीं की। बाद में थाना हरीपर्वत पुलिस आ गई। तब किशन चंद्र को थाने ले गए। यहां पर तहरीर ली गई। सेंट जोंस चौराहे पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। पुलिस फुटेज की मदद से बदमाशों की तलाश में लगी है।
बीती 13 जुलाई को लंगड़े की चौकी पर सिपाहियों ने एक व्यापारी को रोक लिया था। उससे लाखों की रकम लूटकर ले गए थे। बाद में घटना का खुलासा किया गया था। दोनों सिपाहियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसके पहले भी लोहामंडी में चेकिंग के नाम पर सिपाही रुपये ले गए थे। बाद में सिपाहियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था।
कई बार हो चुकी हैं लूट की घटनाएं
पुलिस चेकिंग के नाम पर लूट की घटनाएं कई बार हो चुकी हैं। यह गैंग महिलाओं और वृद्धों को निशाना बनाता है। वो चेकिंग और लूट का डर दिखाता है। इसके बाद गहने उतारने के बहाने कागज में रखने के दौरान पुड़िया बदल देता है। जब तक लोगों को पता चलता है कि बहुत देर हो चुकी होती है।