सिढ़पुरा। बाछमई माइनर का कटान मंगलवार को बंद होने के बाद पानी का खेतों की ओर बहाव रुक गया। हालांकि ग्राम हमीरपुर के खेतों और आबादी क्षेत्र में भरा पानी अब तक नहीं निकल सका है। इससे ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों को जलभराव के चलते फसलों के खराब होने और संक्रामक रोगों की आशंका सता रही हैं।
बाछमई माइनर में रविवार को कटान हो गया था। इसके बाद माइनर का पानी पहले खेतों और फिर आबादी क्षेत्र तक पहुंच गया। मंगलवार को जेसीबी के पहुंचने के बाद विभाग द्वारा माइनर के कटान को बंद करा दिया गया। इससे माइनर से पानी का बहाव खेतों की ओर बंद हो गया।
हालांकि अभी पानी खेतों और आबादी क्षेत्रों में भरा हुआ है। खेतों में पानी भरा होने के कारण गेहूं, लाह, आलू, मटर आदि की फसलें बर्बाद हो रही है। वहीं आबादी क्षेत्र में पानी भरने से संक्रामक रोग फैलने का खतरा बना हुआ है। किसानों ने फसलों के मुआवजे की मांग की है।
सरसों और आलू की 28 बीघा में फसल की थी। हालांकि खेतों में पानी भर जाने से फसलें बर्बाद हो गई हैं। जिला प्रशासन से फसलों का मुआवजा दिया जाए।
- भीकम राजपूत, किसान हमीरपुर।
पशुओं को घेर में बांध देते थे, लेकिन घेर में पानी भरने के बाद पशुओं को दूसरे स्थानों पर बांध रहे हैं। पानी कम होने के बाद फिर से घेर में बांधने लगेंगे।
- राकेश राजपूत, पशुपालक हमीरपुर
आबादी तक पानी पहुंच जाने से पशुओं को बांधने के लिए स्थान नहीं बचा है। गांव के आसपास पानी भरा है। इससे पशुओं में संक्रामक रोग फैलने का खतरा बढ़ रहा है।
- नन्नीदेवी, निवासी हमीरपुर
कई दिनों से खेतों में पानी भरा है। किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। सिंचाई विभाग की लापरवाही से किसानों को मुसीबतें हुई हैं। बर्बाद फसलों का मुआवजा दिलाया जाए।
- अशोक कुमार, किसान हमीरपुर।
बंद करा दिया है कटान
बाछमई माइनर में कटान की शिकायत के बाद कटान को बंद करा दिया गया है। अब पानी माइनर से खेतों में नहीं बह रहा है। एक दो दिन में जलभराव से भी निजात मिल जाएगा।
- अरुण कुमार, अधिशाषी अभियंता सिंचाई विभाग।