आगरा में सुबह-सुबह खनन माफिया के गुर्गों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। फायरिंग के दौरान एक सिपाही को गोली लग गई। सिपाही के घायल होते ही गुर्गे मौका देखकर भाग निकले।
ताजनगरी आगरा के खेरागढ़ में एक बार फिर खनन माफिया व उसके गुर्गों ने दुस्साहस दिखाया। बालू से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमला बोल दिया। थाने के सिपाही अजय कुमार को गोली मार दी। वह गंभीर घायल हैं। घेराबंदी करने पर फायरिंग करते भाग निकले। आधा घंटे बाद घायल सिपाही को अस्पताल लेकर जा रहे इंस्पेक्टर की गाड़ी में टक्कर मार दी। घबराए पुलिसकर्मी हमलावरों का पीछा तक नहीं कर सके। जान बचाकर थाने की तरफ भाग आए। देर रात पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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शनिवार सुबह राजस्थान के गांव खरगपुर से अवैध खनन की बालू लादकर ट्रैक्टर-ट्रॉली से खनन माफिया के गुर्गे जा रहे थे। खेरागढ़ में समाध मार्ग पर एक प्लॉट में बारिश की वजह से कीचड़ था। ट्रैक्टर वहां फंस गया। निकालने के लिए अन्य दो ट्रैक्टर से माफिया व गुर्गे पहुंचे। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दे दी।
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इस पर सुबह करीब 7:45 बजे दरोगा वरदानी लाल, चालक अमित कुमार, सिपाही अजय कुमार और हेड मोहर्रिर मनीष पहुंचे। गाड़ी से उतरकर सिपाही अजय कुमार ट्रैक्टर की तरफ जाने लगे। यह देख खनन माफिया ने ट्रैक्टर से उतरकर सीधा फायर कर दिया। गोली सिपाही अजय के सिर को छूते हुए निकल गई। वह गिर पड़े। अन्य पुलिसकर्मी घायल सिपाही को लेकर भागे। हमलावरों ने पीछे से दो और फायर किए।
पुलिस ने देखा तो हमलावरों के हाथों में तमंचे, डंडे भी थे। इस पर जान बचाने के लिए पुलिसकर्मी इधर-उधर भागने लगे। खनन माफिया ने एक भरी ट्राली को वहीं छोड़ दिया, जबकि अन्य ट्रैक्टरों को लेकर भाग गए। घायल सिपाही को साथी पुलिसकर्मी कस्बे के राघव हॉस्पिटल लेकर पहुंचे।
रेफर करने पर सिपाही को खेरागढ़ थाना के इंस्पेक्टर देवकरन सिंह गाड़ी से एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी की ओर चल दिए। रास्ते में खनन माफिया ने एक फिर पुलिस पर हमला बोला। गाड़ी में टक्कर मार दी। सभी पुलिसकर्मी घबरा गए। उन्होंने खनन माफिया के गुर्गों का पीछा तक नहीं किया। वह सीधे थाने आ गए। इससे आरोपी राजस्थान की ओर भाग निकले।
6 टीमें कर रहीं तलाश
घटना की जानकारी पर बड़ी संख्या में लोग जुट गए। वहीं एसीपी इमरान अहमद, एसडीएम संदीप यादव सर्किल के फोर्स के साथ पहुंचे। सुबह 11 बजे डीसीपी पश्चिमी सोनम कुमार ने पहुंचकर घटना की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि आरोपियों की धरपकड़ के लिए 6 टीमें बनी हैं। राजस्थान सीमा पर गश्त बढ़ाई गई है। 4 को गिरफ्तार भी कर लिया गया। घायल सिपाही को पुलिसकर्मी कार से सिकंदरा स्थित अस्पताल लेकर आए। अजय कुसमुरा, मैनपुरी के रहने वाले हैं।
खेरागढ़ और सैंया में अवैध खनन की बालू का परिवहन लगातार हो रहा है। पुलिस रोकने में नाकाम है। 8 नवंबर 2020 को सैंया थाने के सिपाही सोनू चौधरी की ट्रैक्टर चढ़ाकर हत्या कर दी गई थी। वह खनन के ट्रैक्टर पकड़ने गए थे। 5 जून 2019 को भी पुलिस पर फायरिंग की गई थी। इसके अलावा सिकंदरा क्षेत्र में खनन माफिया पुलिस पर हमला बोल चुके हैं। राजस्थान से खनन की बालू के वाहनों का परिवहन किया जाता है।