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ये आईआरसीटीसी में 7 लाख में दिलाते थे बुकिंग क्लर्क, स्पीकर, एनाउंसमेंट और कुक की नौकरी

Fri, 07 Sep 2018 12:40 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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गिरफ्तार सात ठग। - फोटो : अमर उजाला
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आगरा में आईआरसीटीसी में नौकरी के नाम पर लाखों रुपये ठगने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। गिरोह के सदस्य बुकिंग क्लर्क, स्पीकर, एनाउंसमेंट और कुक के पद पर आवेदन भरवाते थे। नौकरी का फर्जी नियुक्ति पत्र और ऑफर लेटर देते थे। फर्जी ऑफर लेटर, नियुक्ति पत्र पर नाम, पता, तारीख, नोटिस, लोगो लगा रहता था। इस पर आईआरसीटीसी के मैनेजर के हस्ताक्षर भी करते थे। इसमें एक बेरोजगार से छह से सात लाख रुपये वसूलते थे। अब तक सैकड़ों लोगों से ठगी की बात सामने आई है। ये गिरोह छोटे शहरों के बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाता था। इस गिरोह के सात सदस्यों को विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से फर्जी नियुक्ति पत्र, ऑफर लेटर, 12 लाख रुपये आदि बरामद किए गए हैं।

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एसटीएफ सीओ श्यामकांत के मुताबिक, आईआरसीटीसी के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक ने आईजी एसटीएफ, लखनऊ में शिकायत की थी। इस पर एसटीएफ को लगाया गया। आगरा कैंट स्टेशन के पास से गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया गया, इनमें पांच आरोपी बिहार और दो आरोपी कन्नौज के रहने वाले हैं।

एसटीएफ की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि आईआरसीटीसी में नौकरी के नाम पर बेरोजगार युवकों से ठगी करते हैं। इसके लिए बुकिंग क्लर्क, स्पीकर, एनाउंसमेंट और कुक के पद पर आवेदन भरवाते थे। नौकरी का फर्जी नियुक्ति पत्र और ऑफर लेटर देकर छह से सात लाख रुपये वसूलते थे। फर्जी ऑफर लेटर, नियुक्ति पत्र पर नाम, पता, तारीख, नोटिस, लोगो लगा रहता था। इस पर आईआरसीटीसी के मैनेजर के हस्ताक्षर भी करते थे। अब तक सैकड़ों लोगों से ठगी की बात सामने आई है। छोटे शहरों के बेरोजगार युवा निशाने पर रहते थे। इस मामले में थाना सदर में मुकदमा दर्ज किया गया।
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इस गिराह के मनोज कुमार श्रीवास्तव (ग्राम पटौर, थाना सौरिख, कन्नौज), दिनेश चंद्र (बहनपुरा, नई बस्ती, थाना छिबरामऊ, कन्नौज), कुंजन कुमार (पीसी कॉलोनी, कंकड़ बाग, पटना, बिहार), साकेत बिहारी  (गांव पंडोई, थाना पारस विद्या, जहानाबाद, बिहार), प्रिंस कुमार (गांव विष्णुपुर, मटियारवां, थाना पहाड़पुर, पूर्वी चंपारन, बिहार), जितेंद्र (गांव करमलीचक, थाना बाईपास, पटना, बिहार) और  अजय कुमार शाह (गांव चढ़वा, थाना रसूलपुर, छपरा, बिहार) सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं केडी और गुड्डू दोनों फरार हैं। 

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हर काम के लिए तय था आदमी

एसटीएफ ने बताया कि आरोपी मनोज श्रीवास्तव और दिनेश चंद्र आवेदन भरवाने के नाम पर युवकों से एक-एक हजार रुपये लेते थे। फर्जी नियुक्ति पत्र अजय, प्रिंस, केडी और गुड्डू के सहयोग से तैयार करते थे। केडी के ईमेल के माध्यम से प्रिंस को भेजते थे। हार्ड कापी जितेंद्र को देते थे। कुंजन कुमार और साकेत बिहारी पत्रों को चेक करते थे। इसके बाद एजेंट दिल्ली के बारहखंभा में आईआरसीटीसी के कार्यालय पर जाकर आवेदकों को देते थे।

यह हुई बरामदगी

- 18  कूटरचित नियुक्ति पत्र
- 17 आफर लेटर
- आठ डिस्पैच लिफाफे
- 38400 रुपये
- 12.82 लाख के छह चेक
- पैन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर आईडी
- मोबाइल
- कूटरचित आफर लेटर की प्रतिलिपियां
- ई मेल आईडी।
- 11 आवेदन पत्र
 
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