आगरा में आईआरसीटीसी में नौकरी के नाम पर लाखों रुपये ठगने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। गिरोह के सदस्य बुकिंग क्लर्क, स्पीकर, एनाउंसमेंट और कुक के पद पर आवेदन भरवाते थे। नौकरी का फर्जी नियुक्ति पत्र और ऑफर लेटर देते थे। फर्जी ऑफर लेटर, नियुक्ति पत्र पर नाम, पता, तारीख, नोटिस, लोगो लगा रहता था। इस पर आईआरसीटीसी के मैनेजर के हस्ताक्षर भी करते थे। इसमें एक बेरोजगार से छह से सात लाख रुपये वसूलते थे। अब तक सैकड़ों लोगों से ठगी की बात सामने आई है। ये गिरोह छोटे शहरों के बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाता था। इस गिरोह के सात सदस्यों को विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से फर्जी नियुक्ति पत्र, ऑफर लेटर, 12 लाख रुपये आदि बरामद किए गए हैं।
एसटीएफ सीओ श्यामकांत के मुताबिक, आईआरसीटीसी के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक ने आईजी एसटीएफ, लखनऊ में शिकायत की थी। इस पर एसटीएफ को लगाया गया। आगरा कैंट स्टेशन के पास से गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया गया, इनमें पांच आरोपी बिहार और दो आरोपी कन्नौज के रहने वाले हैं।
एसटीएफ की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि आईआरसीटीसी में नौकरी के नाम पर बेरोजगार युवकों से ठगी करते हैं। इसके लिए बुकिंग क्लर्क, स्पीकर, एनाउंसमेंट और कुक के पद पर आवेदन भरवाते थे। नौकरी का फर्जी नियुक्ति पत्र और ऑफर लेटर देकर छह से सात लाख रुपये वसूलते थे। फर्जी ऑफर लेटर, नियुक्ति पत्र पर नाम, पता, तारीख, नोटिस, लोगो लगा रहता था। इस पर आईआरसीटीसी के मैनेजर के हस्ताक्षर भी करते थे। अब तक सैकड़ों लोगों से ठगी की बात सामने आई है। छोटे शहरों के बेरोजगार युवा निशाने पर रहते थे। इस मामले में थाना सदर में मुकदमा दर्ज किया गया।
इस गिराह के मनोज कुमार श्रीवास्तव (ग्राम पटौर, थाना सौरिख, कन्नौज), दिनेश चंद्र (बहनपुरा, नई बस्ती, थाना छिबरामऊ, कन्नौज), कुंजन कुमार (पीसी कॉलोनी, कंकड़ बाग, पटना, बिहार), साकेत बिहारी (गांव पंडोई, थाना पारस विद्या, जहानाबाद, बिहार), प्रिंस कुमार (गांव विष्णुपुर, मटियारवां, थाना पहाड़पुर, पूर्वी चंपारन, बिहार), जितेंद्र (गांव करमलीचक, थाना बाईपास, पटना, बिहार) और अजय कुमार शाह (गांव चढ़वा, थाना रसूलपुर, छपरा, बिहार) सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं केडी और गुड्डू दोनों फरार हैं।