आगरा। ताजमहल से आरबीएस कॉलेज तक 18 फुट चौड़ी सुरंग में मेट्रो दौड़ेगी। सात किमी लंबी सुरंग में सात मेट्रो स्टेशन होंगे। सुरंग का व्यास 5.8 मीटर होगा। भूमिगत कॉरिडोर के लिए चार टीबीएम (टनल बोरिंग मशीन) का इस्तेमाल होगा। टीबीएम सुरंग से मिट्टी निकालेगी और सुरंग में कॉन्क्रीट का ढांचा (टनल लाइनिंग) भी बनाएगी।
टनल लाइनिंग का ढांचा छह टुकड़ों में कास्ट होगा। कॉन्क्रीट के इन गोल पाइप जैसे टुकड़ों को जोड़कर सुरंग के अंदर कॉन्क्रीट का ढांचा बनाया जाएगा। जो सुरंग को मजबूती देगा और पिलर का काम करेगा। मिट्टी की ढाय गिरने से रोकेगा। टीबीएम व हाइड्रा मशीन से इन टुकड़ों को फिट किया जाएगा। टनल लाइनिंग के बाद सुरंग में दो मेट्रो ट्रैक बिछेंगे। एक आने के लिए और एक ट्रेन जाने के लिए होगा। सात किमी लंबी सुरंग में ही ताजमहल, आगरा फोर्ट, जामा मस्जिद, एसएन मेडिकल, आगरा कॉलेज, राजामंडी और आरबीएस मेट्रो स्टेशन आकार लेंगे। सुरंग के लिए महुआखेड़ा में नया कास्टिंग यार्ड बनेगा। यहां आगरा विकास प्राधिकरण ने उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) को आठ हेक्टेयर जमीन उपलब्ध कराई है। इस कास्टिंग यार्ड में टनल लाइनिंग की कास्टिंग होगी। सात भूमिगत मेट्रो स्टेशनों के निर्माण पर 1820 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
मेट्रो के लिए सुरंग खोदाई में जिन टीबीएम का इस्तेमाल होगा, वहीं मिट्टी को बाहर निकालेंगी और फिर उस हिस्से में कॉन्क्रीट के टुकड़ों को जोड़कर पक्का (लाइनिंग) करेंगी। पहले चरण में दो टीबीएम से खोदाई होगी। पहली टीबीएम जामा मस्जिद स्टेशन पर लगेगी। यहां गड्ढा कर खोदाई के लिए टनल को जमीन में 18 फीट नीचे असेंबल किया जाएगा। मिट्टी को साथ के साथ कास्टिंग यार्ड में डंप कराया जाएगा।
मार्च 2022 में एफकॉन व सेम इंडिया को सात भूमिगत स्टेशन तैयार करने का कॉन्ट्रेक्ट मिला है। मार्च 2026 तक यानी 48 महीने में दोनों कंपनियों को काम पूरा करना होगा। इसमें टनल की डिजाइनिंग, खोदाई से लेकर सिविल, इलेक्ट्रिकल व अन्य कार्य भी शामिल हैं। 10 अप्रैल से सातों स्टेशन के लिए मिट्टी की जांच शुरू हो गई है। आगरा फोर्ट स्टेशन पर खोदाई के लिए डायवॉल फ्रेम लग चुकी है।
टनल का डाया 5.8 मीटर होगा। करीब 18 फुट। टनल लाइनिंग के लिए महुआखेड़ा में कास्टिंग यार्ड बनेगा। एडीए से आठ हेक्टेयर जमीन मिल गई है। 2024 तक तीन स्टेशन व 2026 तक सभी सात स्टेशन बनकर तैयार हो जाएंगे। - अरविंद राय, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, यूपीएमआरसी