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UP: इस उम्र के बाद शुरू नहीं हुए पीरियड्स, तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं, मिथकों पर न दें ध्यान; खुलकर करें बात

Sat, 11 May 2024 12:54 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

महिलाओं के जीवन में मासिक धर्म उनकी प्रकृति से जुड़ी प्रक्रिया है। व्हिस्पर और अमर उजाला की ओर से सेंट एंड्रूज में इसे लेकर जागरुकता कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में बताया गया कि शर्माएं नहीं, मां-बेटी खुलकर बात करें। 
 
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बेटियों को दी गई जानकारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 पीरियड्स में सिर नहीं धोना। ठंडा पानी नहीं पीना। अचार नहीं छूना। भगवान के मंदिर में तो भूलकर भी कदम मत रखना। ये वो मिथक हैं जिनका अनुसरण आमतौर पर भारतीय परिवारों में पीरियड्स के दौरान किया जाता है। पीरियड्स कोई हौवा नहीं बल्कि सामान्य शारीरिक प्रक्रिया है। पीरियड्स में हाईजीन का विशेष ध्यान रखें। हर 4-5 घंटे में पैड्स जरूर बदलें और न केवल अपनी नियमित दिनचर्या का पालन करें बल्कि सभी गतिविधियों में उसी तरह भाग लें जैसा कि सामान्य दिनों में करती हैं।
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कुछ इसी अंदाज में पीरियड्स से संबंधित सभी जानकारी बेटियों और उनकी मम्मियों को दीं वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ ने। मौका था व्हिस्पर और अमर उजाला की ओर से आयोजित सपनों की उड़ान कार्यक्रम का। सेंट एंड्रूज पब्लिक स्कूल बल्केश्वर पर आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। छात्राओं से रूबरू होते हुए डॉ. अनुपमा शर्मा ने कहा कि पीरियड्स को भी अन्य शारीरिक क्रियाओं की तरह सामान्य ढंग से लें।

 

अगर किसी बच्ची को 14 साल की उम्र तक पीरियड्स नहीं आते तो मां उसे स्त्री रोग विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। पीरियड्स में हल्का-फुल्का दर्द होना सामान्य है लेकिन अगर असहनीय दर्द हो तो भी चिकित्सकीय सलाह आवश्यक है। डॉ. अनुपमा शर्मा ने पीरियड्स क्यों और किस उम्र में होते हैं बताया। इसके बाद आपसी संवाद के दौरान महिलाएं और बच्चियों ने खुलकर सवाल पूछे। पहला सवाल था कि क्या पीरियड्स में वजन उठा सकते हैं। जवाब मिला हां बिल्कुल। अगर कल्पना चावला और पीवी सिंधु भी ऐसे ही सोचती तो वह आज इन ऊंचाइयों तक ही नहीं पहुंचती।

 

क्या पेन किलर लेना सुरक्षित है इस सवाल पर डाॅ. अनुपमा का कहना था कि कोई भी दर्द निवारक गोली लेने के बजाए चिकित्सक से दवाई पूछ लें। क्या पीरियड्स में सिर नहीं धोना चाहिए, ठंडी और खट्टी चीजें नहीं खानी चाहिए? क्या इस दौरान अचार छूने से वो खराब हो जाता है? डॉ. अनुपमा ने बताया कि ये सारी बातें मिथक हैं, इनका पीरियड्स से कोई नाता नहीं। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर धनिष्ठा ने पीरियड्स को लेकर अपने अनुभव बच्चों के साथ साझा किए।

 
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कार्यक्रम में निबंध प्रतियोगिता की विजेता मां दुर्गा इंटर कॉलेज की छात्रा ज्योति को लैपटॉप दिया गया। इस दौरान सेंट एंड्रूज ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन के सीएमडी डॉ. गिरधर शर्मा, एमडी अपूर्वा शर्मा, प्रधानाचार्य अंशु सिंह वीटीसी ट्रेडविंग प्राइवेट लिमिटेड के मो. जसीम और विमल कांत बंसल आदि मौजूद थे। संचालन माही ने संभाला।
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