फतेहपुर सीकरी में महान संगीतज्ञ बैजू बावरा का स्मारक भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के संरक्षित स्मारकों की सूची में शामिल है। स्मारक की हालत संरक्षण में लापरवाही को दिखाती है। पुरातत्व विभाग की अनदेखी के चलते स्मारक के बरामदे जर्जर हो गए हैं, छज्जे गिरने लगे हैं। विभाग की ओर से स्मारक तक जाने के रास्ते में कहीं कोई बोर्ड नहीं लगाया गया है कि आगे बैजू बावरा का स्मारक है।
स्मारक पर जरूर ‘हाउस ऑफ बैजू बावरा’ का बोर्ड लगा है। ऐसे में पर्यटक स्मारक तक पहुंच ही नहीं पाते। महान संगीतकार तानसेन के स्मारक से बैजू बावरा का स्मारक मुश्किल से 30 मीटर दूरी पर है। जहां तानसेन का स्मारक अच्छी हालत में है। वहीं बैजू बावरा का स्मारक जर्जर हो चुका है।
कारीगरी
चारों ओर लगे लाल पत्थरों को तराशकर बनाए गए बरामदे आभा देते हैं। भवन में चारों ओर जालियां लगी हैं, हालांकि इनमें से अधिकांश टूट चुकी हैं। अंदर विशेष कक्ष बने हैं।